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Gold Price: सोने-चांदी के भाव फिर हुए रॉकेट, आज इतना चढ़ गया रेट, कीमत यहां जान लें

 Published : Aug 04, 2025 06:18 pm IST,  Updated : Aug 04, 2025 06:40 pm IST

भारतीय रुपये की कमजोरी, अमेरिका के कमजोर आर्थिक संकेतक और टैरिफ को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंता ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों को सपोर्ट कर दिया, जिससे कीमतों में तेजी आई।

स्पॉट गोल्ड न्यूयॉर्क में लगभग स्थिर रहा।- India TV Hindi
स्पॉट गोल्ड न्यूयॉर्क में लगभग स्थिर रहा। Image Source : PEXELS/PIXABAY

राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को सोने और चांदी की कीमत में जोरदार उछाल दर्ज की गई। सप्ताह के पहले ही दिन दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। पीटीआई की खबर के मुताबिक, ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन ने बताया कि 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹400 की बढ़त के साथ ₹98,020 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया, जबकि शुक्रवार को यह ₹97,620 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, 99.5% शुद्धता वाला सोना ₹300 की तेजी के साथ ₹97,800 प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर कारोबार करता दिखा, जो पिछले सत्र में ₹97,500 था।

चांदी में भी तेज बढ़त

खबर के मुताबिक, न सिर्फ सोना, चांदी की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली। सोमवार को चांदी ₹500 महंगी होकर ₹1,10,000 प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई, जबकि शुक्रवार को यह ₹1,09,500 प्रति किलो पर बंद हुई थी। 

क्यों बढ़ी सोने की कीमत 

विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय रुपये की कमजोरी, अमेरिका के कमजोर आर्थिक संकेतक और टैरिफ को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंता ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों को ऊंचा किया है, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है। स्पॉट गोल्ड न्यूयॉर्क में लगभग स्थिर रहा और USD 3,363.83 प्रति औंस पर कारोबार करता देखा गया। स्पॉट सिल्वर में 0.43% की तेजी आई और यह USD 37.20 प्रति औंस पर पहुंच गई।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

एलकेपी सिक्योरिटीज के जतीन त्रिवेदी का कहना है कि आने वाले दिनों में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति बैठक और अमेरिका के ताजा आर्थिक आंकड़े, खासकर विनिर्माण से जुड़े डेटा, बुलियन मार्केट को दिशा देने में अहम भूमिका निभाएंगे। विश्व स्वर्ण परिषद ने हाल ही में कहा कि 2025 में भारत में सोने की खपत पांच साल के निचले स्तर पर आ जाएगी, क्योंकि रिकॉर्ड ऊंची कीमतों के चलते आभूषणों की खरीदारी कम हो रही है और निवेश मांग में मामूली बढ़ोतरी भी फीकी पड़ रही है। दुनिया में इस कीमती धातु के दूसरे सबसे बड़े उपभोक्ता देश में सोने की मांग 2025 में 600 मीट्रिक टन से 700 मीट्रिक टन के बीच रह सकती है, जो 2020 के बाद सबसे कम है और पिछले साल के 802.8 टन से कम है।

 

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