मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोमवार को सोने के वायदा भाव में मामूली गिरावट देखी गई, जबकि चांदी हल्की बढ़त के साथ बंद हुई। यह गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक के प्रति निवेशकों की सतर्कता के कारण हुई। पीटीआई की खबर के मुताबिक, एमसीएक्स पर, अक्टूबर डिलीवरी वाले सोने का भाव ₹148 की गिरावट के साथ ₹1,09,222 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, दिसंबर डिलीवरी वाले सोने का अनुबंध ₹1,10,323 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जिसमें ₹111 की गिरावट दर्ज की गई।
Related Stories
चांदी में मामूली उछाल
सोने के विपरीत, चांदी की कीमतों में मामूली तेजी दिखी। दिसंबर डिलीवरी वाला चांदी का अनुबंध ₹121 की बढ़त के साथ ₹1,28,959 प्रति किलोग्राम पर आ गया। इसी तरह, मार्च 2026 में डिलीवरी वाला अनुबंध ₹1,30,311 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया, जिसमें ₹41 की बढ़त हुई।
बाजार पर फेड की बैठक का असर
बाजार के जानकारों का कहना है कि निवेशक फिलहाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व की होने वाली महत्वपूर्ण नीति बैठक का इंतजार कर रहे हैं। रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक जिगर त्रिवेदी के अनुसार, बाजार को उम्मीद है कि श्रम बाजार में कमजोरी के संकेतों को देखते हुए फेड 25 बेसिस पॉइंट्स की दर कटौती कर सकता है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह नरम रुख 2025 तक जारी रह सकता है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार और अन्य कारक
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी सोने का भाव नरम रहा। COMEX पर, दिसंबर डिलीवरी वाला सोना वायदा 0.10% गिरकर $3,682.72 प्रति औंस पर बंद हुआ। चांदी वायदा भी 0.25% टूटकर $42.72 प्रति औंस पर आ गया।
निवेशक फेड की घोषणा से पहले अमेरिका की खुदरा बिक्री और औद्योगिक उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक डेटा पर भी नजर रख रहे हैं ताकि अर्थव्यवस्था की स्थिति का पता लगाया जा सके। इसके अलावा, अमेरिका-चीन के बीच व्यापार वार्ता और अमेरिकी प्रशासन द्वारा फेडरल गवर्नर लिसा कुक को बर्खास्त करने की अपील जैसे मुद्दे भी बाजार की चिंता बढ़ा रहे हैं। इन सभी कारकों को देखते हुए, जिगर त्रिवेदी का कहना है कि फेड की बैठक से पहले सोने का कारोबार एक सीमित दायरे में रहने की उम्मीद है, क्योंकि ट्रेडर नई पोजीशन लेने से बच रहे हैं।