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अगले हफ्ते शेयर बाजार में होगी तगड़ी हलचल, इन खबरों के चलते उठा-पटक की आशंका

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Mar 30, 2025 10:52 am IST,  Updated : Mar 30, 2025 11:07 am IST

पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 509.41 अंक या 0.66 प्रतिशत चढ़ा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 168.95 अंक या 0.72 प्रतिशत के लाभ में रहा।

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शेयर बाजार Image Source : FILE

अगले हफ्ते शेयर बाजार मंगलवार को खुलेगा। ‘ईद-उल-फितर’ के मौके पर सोमवार को शेयर बाजार बंद रहेंगे। शेयर बाजार में अगले हफ्ते तगड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। इसकी वजह कई बड़ी खबरें होंगी। आपको बता दें कि ग्लोबल मार्केट पर 2 अप्रैल से लागू होने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाबी शुल्क के प्रभाव का असर बाजार पर देखने को मिलेगा। इसके अलावा, विदेशी बाजारों के रुख और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार को प्रभावित करेंगी। मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि इसके चलते बाजार में  उठा-पटक की आशंका है। अमेरिका ने दो अप्रैल को भारत सहित अपने प्रमुख व्यापारिक भागीदार देशों पर दो अप्रैल से जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की है। 

ट्रंप की शुल्क घोषणा पर टिकी नजरें 

मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा कि अब सभी की निगाहें ट्रंप की दो अप्रैल की शुल्क घोषणा पर टिकी हैं। इस सप्ताह घोषित किए जाने वाले वृहद आर्थिक आंकड़ों में विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के लिए पीएमआई (क्रय प्रबंधक सूचकांक) आंकड़ों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा कि आगामी छुट्टियों के कारण कम कारोबारी सत्रों वाले सप्ताह में घरेलू मोर्चे पर संकेतकों के अभाव में बाजार भागीदारी की निगाह वैश्विक घटनाक्रमों पर रहेगी। दो अप्रैल से लागू होने वाले जवाबी शुल्क का वैश्विक व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसपर सभी की निगाह रहेगी।

शेयर बाजार में दिख सकती है बड़ी तेजी

जियोजीत इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि आगे चलकर विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का प्रवाह मुख्य रूप से ट्रंप के जवाबी शुल्क पर निर्भर करेगा। यदि शुल्क का प्रतिकूल प्रभाव बहुत अधिक नहीं रहता है, तो एफआईआई का प्रवाह जारी रह सकता है। उन्होंने कहा कि एफआईआई की रणनीति बिकवाली से मामूली खरीद की हो गई है। 21 मार्च को समाप्त सप्ताह में यह दिखाई दिया था और 28 मार्च को समाप्त सप्ताह में भी यह रुख जारी रहा। निवेशकों की निगाह रुपये-डॉलर के रुझान और वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी।

इन आंकड़ों पर भी रहेगी नजर

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि.के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘इस सप्ताह शुल्क को लेकर चीजें अधिक साफ हो सकेंगी। इससे निवेशक वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव का आकलन कर सकेंगे। सप्ताह के दौरान अमेरिका के रोजगार और भारत के पीएमआई आंकड़े आने हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस बीच, निवेशकों का ध्यान कंपनियों के तिमाही नतीजों पर है, जिससे उनके प्रदर्शन को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।’’ 

25 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैप 

पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 509.41 अंक या 0.66 प्रतिशत चढ़ा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 168.95 अंक या 0.72 प्रतिशत के लाभ में रहा। वित्त वर्ष 2024-25 में बीएसई सेंसेक्स 3,763.57 अंक या 5.10 प्रतिशत चढ़ा है, वहीं निफ्टी में 1,192.45 अंक या 5.34 प्रतिशत का उछाल आया है। इस दौरान बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) 25,90,546.73 करोड़ रुपये बढ़कर 4,12,87,646.50 करोड़ रुपये (4,820 अरब अमेरिकी डॉलर) हो गया है।

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