भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक, अगर किसी बैंक खाते में लगातार 2 साल तक कोई लेनदेन नहीं होता, तो वह खाता निष्क्रिय (डॉरमेंट अकाउंट) की कैटेगरी में आ जाता है। हालांकि, आप चाहें तो अपना पैसा निकाल सकते हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक के सभी प्रतिबंध मंगलवार को बैंक बंद होने के साथ ही लागू हो चुके हैं और अगले 6 महीने तक लागू रहेंगे।
लोगों के मोबाइल फोन पर RBI के नाम से वॉइसमेल आ रहे हैं। इस वॉइसमेल में लोगों को चेतावनी दी जा रही है कि उनका बैंक खाता ब्लॉक कर दिया जाएगा।
पिछले 11 वर्षों में 56 करोड़ से ज्यादा जन-धन खाते खोले गए हैं, जिनमें कुल जमा राशि 2.68 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।
वित्त मंत्रालय ने पिछले महीने 23 अक्टूबर को एक बयान में कहा था कि नया सिस्टम 1 नवंबर, 2025 से लागू हो जाएगी।
नए नियमों में कस्टमर सर्विस की क्वालिटी में सुधार लाने के लिए डॉक्यूमेंटेशन को भी स्टैंडर्डाइज्ड किया गया है।
बिना बैंक खाता खोले क्रेडिट कार्ड पाना अब न केवल संभव है, बल्कि यह कई वर्गों के लिए वित्तीय स्वतंत्रता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। सही दिशा में उपयोग कर यह कार्ड आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
आईसीआईसीआई बैंक मंथली एवरेज बैलेंस नहीं बनाए रखने पर 6% तक का जुर्माना या ₹500 (जो भी कम हो) लगाएगा। 1 अगस्त 2025 से यह नया नियम लागू किया गया है।
सिंगापुर के डीबीएस बैंक की सब्सिडरी कंपनी डीबीएस बैंक इंडिया ने कहा है कि खाते में एवरेज मंथली बैलेंस मेनटेन नहीं करने की स्थिति में शॉर्टफॉल पर 6 प्रतिशत या अधिकतम 500 रुपये का जुर्माना देना होगा।
आपका बैंक अकाउंट संदिग्ध धोखाधड़ी से लेकर कानूनी दायित्वों और अनुपालन मुद्दों तक की वजह से फ्रीज हो सकता है। इन कारणों को समझना और अपने वित्त का प्रबंधन करने में सक्रिय रहना खाता फ्रीज होने के जोखिम को कम कर सकता है और सुचारू बैंकिंग लेनदेन सुनिश्चित कर सकता है।
प्रत्येक जमाकर्ता जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (DICGC) से 5 लाख रुपये तक की अपनी जमा राशि पर जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा।
स्विस बैंक अपराधियों या अवैध स्रोतों से पैसा स्वीकार नहीं करते हैं। वे हर ग्राहक की बैकग्राउंड की जांच करते हैं। स्विस बैंक में अकाउंट लगभग कोई भी व्यक्ति खोल सकता है।
अगर आपके पास पुराने बैंक अकाउंट हैं जिन्हें आप इस्तेमाल नहीं कर रहे, तो सावधान हो जाइए। ऐसे अकाउंट्स आपको टेंशन में डाल सकते हैं।
बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि नाबालिगों के खाते, चाहे वे स्वतंत्र रूप से संचालित हों या अभिभावक के माध्यम से, उनसे अधिक निकासी न हो और ये हमेशा क्रेडिट बैलेंस में रहें।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि एआई और मशीन लर्निंग को ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जा सकता है।
बैंक के विफल होने की स्थिति में जमाकर्ताओं की सुरक्षा के लिए डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन यानी DICGC नाम की एक यूनिट है जो बैंक जमाराशियों का बीमा करती है।
RBI के निर्देशों के मुताबिक, न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक 14 फरवरी से बिना प्री-अप्रूवल के कोई भी लोन या एडवांस नहीं देगा। इसके अलावा, ये बैंक आज से न तो किसी ग्राहक का डिपॉजिट स्कीकार करेगा और न ही उनके खाते से पैसे निकालकर देगा।
अगले पल होने वाली अनहोनी के बारे में कोई नहीं जानता। भगवान न करें, अगर आपके साथ कोई अनहोनी हो जाए और आप इस दुनिया में रहें तो आपके परिवार का क्या होगा? यही वजह है कि बैंक अकाउंट, एफडी, म्यूचुअल फंड्स, स्टॉक्स जैसे तमाम ऐसेट क्लास के लिए नॉमिनी बनाना बहुत जरूरी है।
खाताधारक की मृत्यु होने की स्थिति में बैंक उसके खाते में जमा सारे पैसे उस व्यक्ति को देता है, जिसे खाताधारक ने नॉमिनी बनाया होता है। खाताधारक किसी भी व्यक्ति को अपने खाते के लिए नॉमिनी बना सकता है। आप चाहें तो अपनी पत्नी, बेटा, बेटी, मां, पिता, भाई, बहन किसी को भी अपने बैंक खाते के लिए नॉमिनी बना सकते हैं।
खाता बंद होने से बचाने के लिए, खाताधारकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने निष्क्रिय खातों को पुनः सक्रिय करें। अगर आपका खाता 12 महीने से अधिक समय से निष्क्रिय है, तो कम से कम एक लेन-देन करें।
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