अगर यह आईपीओ सफल होता है, तो यह हुंडई मोटर इंडिया के अक्टूबर 2024 में आए ₹27,870 करोड़ के आईपीओ के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम होगा।
अगस्त में दायर DRHP के अनुसार 47.58 करोड़ शेयरों के प्रस्तावित आईपीओ में 21 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू और 26.58 करोड़ शेयरों का ओएफएस शामिल है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2024-2025 के लिए टाटा कैपिटल को गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) के रूप में वर्गीकृत किया था। RBI के नियमों का पालन करने के लिए, कंपनी को सितंबर 2025 तक बाजार में लिस्ट होना जरूरी है। इसी को देखते हुए अब आईपीओ लाने की मंजूरी दी गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि टाटा संस का आईपीओ बाजार का रुख बदलने वाला साबित हो सकता है, जिससे निवेशकों को काफी फायदा होने की उम्मीद है। भारत के सबसे बड़े समूहों में से एक की मूल कंपनी के रूप में टाटा संस की प्रतिष्ठा को देखते हुए इसके सूचीबद्ध होने में घरेलू तथा वैश्विक दोनों निवेशकों की रुचि देखने को मिल सकती है।
टाटा कैपिटल हाउसिंग फाइसेंस लि. (टीसीएचएफएल) ने आज एक नई आवास ऋण योजना प्राप्ति की घोषणा की।
लेटेस्ट न्यूज़