चंडीगढ़ः अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने शनिवार को पंजाब के मंत्री हरजोत सिंह बैंस को श्रीनगर में नौवें सिख गुरु गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर उठे विवाद के मद्देनजर एक अगस्त को पांच ‘सिंह साहिबान’ (उच्च पुजारियों) के समक्ष पेश होने को कहा। एक दिन पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ने पंजाब सरकार के भाषा विभाग द्वारा बृस्पतिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में ‘मनोरंजक प्रस्तुतियों’ पर कड़ी आपत्ति जतायी थी और इसे सिखों के धार्मिक मूल्यों का सीधा अपमान बताया था। सिखों की इस सर्वोच्च धार्मिक संस्था के जत्थेदार ने शनिवार को राज्य के भाषा विभाग के निदेशक जसवंत सिंह को भी तलब किया।
शिक्षा मंत्री बैंस बोले- आदेश का पालन करेंगे
इस बीच, शिक्षा मंत्री बैंस ने कहा कि वह अकाल तख्त के समक्ष पेश होंगे और अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए हर आदेश का पालन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि जाने-अनजाने में आयोजकों की लापरवाही के कारण जो कुछ भी हुआ, उसके लिए वह एक सिख कैबिनेट मंत्री होने के नाते क्षमा मांगते हैं।
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज ने कही ये बात
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज ने कहा कि काफी समय बीत जाने के बावजूद, न तो मंत्री और न ही निदेशक ने सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है और न ही उन्होंने कोई माफी मांगी है। एक बयान में, गडगज ने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की समाज के प्रति बड़ी ज़िम्मेदारी होती है और ऐसे संवेदनशील मामले पर राज्य के अधिकारियों की चुप्पी गंभीर चिंता पैदा करती है। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी गुरु साहिब की शहादत शताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत गीत, नृत्य और मनोरंजन के साथ हुई, जो पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
जत्थेदार ने बताया कि एक अगस्त को होने वाली सभा में पंथिक और धार्मिक मामलों पर विचार-विमर्श होगा तथा हरजोत सिंह और जसवंत सिंह दोनों को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि गायक बीर सिंह के खिलाफ भी संलिप्तता की शिकायतें मिली थीं तथा वह शुक्रवार को अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश हुए थे एवं उन्होंने माफी मांगी थी, जिस पर भी पांच सिंह साहिबान की सभा में विचार किया जाएगा।
इनपुट-भाषा
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