चंडीगढ़ः जालंधर पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी में तैनात एक सेना के जवान को कथित तौर पर एक आरोपी को प्रशिक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार किया है, जिसने 15-16 मार्च की रात जालंधर में यूट्यूबर रोजर संधू के घर पर ग्रेनेड फेंका था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी की पहचान सिपाही सुखचरण सिंह उर्फ निक्का उर्फ दीपू उर्फ फौजी के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 30 साल है और वह मुक्तसर साहिब जिले का है और वर्तमान में राजौरी में 163 इन्फैंट्री ब्रिगेड में तैनात है।
हमलावर को ऑनलाइन ट्रेनिंग देने का आरोप
सेना के जवान पर आरोप है कि उसने एक व्यक्ति को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी, जिसने 15-16 मार्च 2025 को पंजाब के जालंधर में एक यूट्यूबर के घर पर ग्रेनेड हमला किया था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने जवान के खिलाफ सबूतों से सेना के अधिकारियों को अवगत कराया और उन्होंने हमें उसकी हिरासत में दे दिया। उसे जालंधर की एक अदालत में पेश किया गया है और उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
राजौरी में तैनात था सेना का जवान
प्रारंभिक जांच के अनुसार, जवान ग्रेनेड फेंकने वाले युवक का इंस्टाग्राम पर दोस्त बन गया था। उस पर आरोप है कि उसने डमी ग्रेनेड के साथ ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया और फिर दिखाया कि असली ग्रेनेड का इस्तेमाल कैसे किया जाता है। अधिकारी ने कहा कि चूंकि वह एक प्रशिक्षित सेना का जवान है, इसलिए वह इस तरह के हथियारों और गोला-बारूद का इस्तेमाल करने में माहिर था। जवान वर्तमान में राजौरी स्थित 163 इन्फेंट्री ब्रिगेड में तैनात था।
यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें एक सक्रिय ड्यूटी पर तैनात सैनिक पर ऑनलाइन माध्यम से अपराध में मदद करने का आरोप है, जिससे सेना के भीतर निगरानी व्यवस्था और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, जालंधर पुलिस दो दिन पहले राजौरी पहुंची और आरोपी को अपने साथ ले गई।
इस मामले में सात लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
बता दें कि 15-16 मार्च की रात जालंधर में यूट्यूबर रोजर संधू के घर पर ग्रेनेड फेंका गया था। पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने जालंधर के रायपीर रसूलपुर गांव में रोजर संधू पर हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस अपराध के सिलसिले में पंजाब पुलिस ने पहले ही सात लोगों को गिरफ्तार किया है।
वहीं, पंजाब में बीजेपी लीडर मनोरंजन कालिया पर ग्रेनेड हमले मामले की जांच अब नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी करेगी। इससे पहले पंजाब पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी।