पंजाब में बाढ़ के चलते किसानों को भारी नुकसान हुआ है। यहां अभी भी कई नदी-नाले उफान पर हैं। कई जगहों पर नदी का दायरा बढ़ने से मिट्टी का कटाव हुआ। इससे खेत और घर भी बह गए। फसलें कई दिनों तक पानी में डबी रहीं और पूरी तरह तबाह हो गईं। अब धीरे-धीरे बाढ़ का असर कम हो रहा है और प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। इस बीच पंजाब सरकार ने किसानों के लिए प्रति एकड़ 20 हजार रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है।
सीएम मान ने कहा, "मैं अस्पताल के कमरे में बैठकर हर वक्त पंजाबियों की चिंता करता हूं। चीफ सेक्टरी को और डीजीपी को कहा कि लोगों के हालात पता करें।" इसके साथ ही उन्होंने किसानों की मदद के लिए कई अहम फैसले लिए। उन्होंने कहा कि वह लोगों के बिना नहीं रह सकते। जल्द ठीक होकर जनता के बीच पहुंचेंगे। बाढ़ कुदरत की मार है, सरकार हर संकट में आपके साथ खड़ी है।
1. बाढ़ की वजह से मिट्टी दरियाओं में आ गई। जिसकी वजह से मार और बढ़ गई और जिसका खेत उनकी रेत स्कीम चलाने जा रहे है। किसान को खेत से मिट्टी उठाने की मंजूरी देने जा रहे है मिट्टी किसान बेच भी सकते है। डिसिल्टिंग की अनुमति पंजाब कैबिनेट ने दी।
2. फसल खराब होने पर भरपाई के लिए 20 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दिया जायेगा। चेक किसानों के हाथों में पकड़ाएंगे।
3. मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
4. कई लोगों के घर गिर गए हैं, उसका सर्वे करवाया जाएगा, सरकार उसका भी मुआवजा देगी।
5. किसानों ने कोपरेटिव सोसाइटियों सरकार के बैंकों से कर्ज लिया हुआ है, उस कर्ज की लिमिट 6 महीने बढ़ाई गई है। कोई किश्त नहीं देनी पड़ेगी, ब्याज भी नहीं देना पड़ेगा। कोई आपको तंग नहीं करेगा।
6. जिन लोगों के मवेशी बाढ़ में मर गये, उन्हें सरकार सहायता राशि देगी।
7. सरकार टीकाकरण करवायेगी, ताकि कोई बीमारी न फैले।
8. फॉगिंग मशीनें देंगे, हर गांव में क्लीनिक में डाक्टर आएंगे। कैम्प लोगों के घर के पास लगेंगे ताकि लोगों का चेकअप हो सके और लोगों को दवाइयां मिल सकें।
9. शहरों गांवों में सफाई करवाएंगे।
10. स्कूलों का इमारतों का ग्रिडों का नुकसान हुआ है, उसका सर्वे होगा।
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