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Chaitra Navratri: कन्या पूजन के लिए चैत्र नवरात्रि में केवल इतनी देर है शुभ मुहूर्त, इस समय पूजा करने से बरसेगी माता की कृपा

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Apr 05, 2025 06:58 am IST,  Updated : Apr 05, 2025 06:58 am IST

Chaitra Navratri: चैत्र नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि को कन्या पूजन किया जाता है। साल 2025 में कन्या पूजन के लिए शुभ मुहूर्त कब से कब तक रहेगा आइए जानते हैं।

Chaitra Navratri 2025- India TV Hindi
चैत्र नवरात्रि 2025 Image Source : FILE

Chaitra Navratri: नवरात्रि में 9 दिनों तक माता रानी की पूजा करने के बाद कन्या पूजन किया जाता है। नवरात्रि के व्रत का पारण भी कन्या पूजन के बाद करने का विधान है। इस अनुष्ठान में 9 कन्याओं की पूजा होती है, जिन्हें देवी दुर्गा के नौ रूपों का प्रतीक स्वरूप माना जाता है। कन्या पूजन में भोजन, वस्त्र, दक्षिणा आदि कन्याओं को दिए जाते हैं। कुछ लोग अष्टमी तिथि को तो कुछ नवमी को कन्या पूजन करते हैं। ऐसे में आइए जान लेते हैं कि चैत्र नवरात्रि के दौरान अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन के लिए शुभ मुहूर्त कब से कब तक रहेगा। 

चैत्र नवरात्रि 2025 

चैत्र नवरात्रि 2025 में 30 अप्रैल से शुरू हुई थी। 6 अप्रैल के दिन नवमी तिथि पर इसका समापन होगा। अष्टमी तिथि का पूजन 5 अप्रैल तो नवमी का पूजन 6 अप्रैल को किया जाएगा।

कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त 

  • अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त- 5 अप्रैल 2025 को सुबह 7 बजकर 40 मिनट से 9 बजकर 15 मिनट तक
  • नवमी तिथि पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त- 6 अप्रैल 2025 को सुबह 7 बजकर 40 मिनट से 9 बजकर 14 मिनट तक
  • आप नवमी तिथि के दिन सुबह 10 बजकर 49 मिनट से 12 बजकर 23 मिनट तक भी कन्या पूजन कर सकते हैं। इस दौरान अमृत चौघड़िया रहेगा। 

शुभ मुहूर्त में अगर आप नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन करते हैं तो शुभ फल आपको कई गुना बढ़कर मिल सकते हैं। इस दिन कन्या पूजन के साथ ही जरूरतमंद लोगों को भोजन अगर आप कराते हैं तो देवी दुर्गा की अनुकंपा आप पर बरसती है। 

कन्या पूजन का महत्व 

नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन करना बेहद शुभ माना जाता है। कन्याओं का पूजन हम उन्हें देवी दुर्गा के नौ रूपों का प्रतीक मानकर करते हैं। कन्याओं का पूजन करना देवी दुर्गा के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने का प्रतीक है। कन्या पूजन नारी शक्ति के समाज में योगदान और उनकी महत्ता का प्रतीक भी है। कन्या पूजन करने से हमारा आध्यात्मिक विकास होता है। माता दुर्गी की कृपा भक्तों पर बरसती है और उनके जीवन में सुख-समृद्धि आती है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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