1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Saphala Ekadashi 2022: साल 2022 की आखिरी एकादशी कब है? जानें शुभ तिथि, मुहूर्त और महत्व

Saphala Ekadashi 2022: साल 2022 की आखिरी एकादशी कब है? जानें शुभ तिथि, मुहूर्त और महत्व

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Nov 18, 2022 02:51 pm IST,  Updated : Nov 18, 2022 02:51 pm IST

Saphala Ekadashi 2022: साल 2022 की आखिरी एकादशी को सफला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार ये त्यौहार कब है चलिए आपको बताते हैं।

सफला एकादशी - India TV Hindi
सफला एकादशी Image Source : FREEPIK

साल 2022 अब 1 महीने में खत्म हो जाएगा। साल भर में कई तीज त्यौहार आते हैं। जिनमें से एक है एकादशी का व्रत। इस व्रत के प्रति लोगों की गहरी आस्था जुड़ी होती है। हर महीने दोनों पक्ष की एकादशी तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है। साथ ही हर पक्ष की एकादशी व्रत का नाम भी अलग-अलग होता है। इस साल की आखिरी एकादशी पौष माह में होगी और, इसे सफला एकादशी के नाम से जाना जाता है। चलिए आपको बताते हैं, इस एकादशी का शुभ तिथि, मुहूर्त और महत्व

एकादशी 2022 तिथि

इस समय मार्गशीर्ष माह चल रहा है जो 8 दिसंबर 2022 को खत्म होगा। इसके बाद 9 दिसंबर 2022 से पौष माह शुरू हो जाएगा। पौष माह के कृष्ण पक्ष की सफला एकादशी 19 दिसंबर 2022, सोमवार को है। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता है कि जो कोई सच्ची श्रद्धा से इस दिन व्रत कर श्रीहरि की उपासना करता है उसे मृत्यु के बाद बैकुंठ लोक प्राप्त होता है।

Morning Tips: सुबह आंख खुलते ही करें इन मंत्रों का उच्चारण, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, धन दौलत की नहीं होगी कमी

एकादशी 2022 मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 19 दिसंबर 2022 को सुबह 03 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगी और एकादशी तिथि का समापन 20 दिसंबर 2022 को सुबह 02 बजकर 32 मिनट पर होगा। सफला एकादशी व्रत का पारण 20 दिसंबर 2022 को सुबह 08 बजकर 05 से सुबह 09 बजकर 16 मिनट तक किया जाएगा।

Mangal Gochar 2022: मंगल गोचर इन चार राशि के जातकों पर पड़ेगा भारी, संभलकर रहें वरना होगा भारी नुकसान

एकादशी महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार सफला एकादशी व्रत के प्रभाव से मनचाही इच्छाएं पूरी होती है। मान्यता है कि सफला एकादशी के दिन जो कार्य शुरु करते हैं वह पूर्ण रूप से सफल होता है। शास्त्रों के अनुसार जो सफला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की साधना करते हुए व्रत और रात्रि जागरण करता है उसे कई सालों की तपस्या का पुण्य मिलता है। साथ ही उसके समस्त दुख और दोष खत्म हो जाते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। INDIA TV इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

Aaj Ka Panchang 19 November 2022: जानिए शनिवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म