इंदौर: भारत के टेस्ट कप्तान के तौर पर अभी भी सीखने की कोशिश में जुटे विराट कोहली ने आज कहा कि अब तक की उनकी कप्तानी का सबसे बड़ा सबक यह है कि वह उन सत्रों में हालात पर काबू करना सीख गए हैं जो टीम के अनुकूल नहीं होते।
कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे और आखिरी क्रिकेट टेस्ट से पूर्व कहा, मैने सबसे बड़ा सबक यह सीखा है कि उन सत्रों में हालात पर कैसे काबू पाना है जो अपनी टीम के अनुकूल नहीं जा रहे हैं। इनमें कैसे रन रोकना है और विरोधी टीम पर दबाव बनाना है। यह काफी अहम है और मैने इसका अनुभव किया है। उन्होंने कहा, टेस्ट मैच में यह काफी अहम समय होता है। ऐसे में नकारात्मकता की ओर गए बिना रनगति पर अंकुश लगाना होता है। एक ही दिशा में नहीं जाना महत्वपूर्ण है।
भारत ने श्रृंखला में 2-0 की विजयी बढत ले ली है लेकिन कोहली ने कहा कि टीम कामचलाउ सलामी बल्लेबाज को उतारने का कोई प्रयोग नहीं करेगी बल्कि गौतम गंभीर को दो साल बाद टेस्ट खेलने का मौका दिया जायेगा।
कोहली ने कहा, यह स्वाभाविक बदलाव है क्योंकि शिखर चोटिल है। टीम में तीसरे सलामी बल्लेबाज होने के कारण वह ही खेलेंगे। कोहली ने कहा कि घायल खिलाडि़यों की जगह लेने वाले सभी खिलाडि़यों ने उम्दा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा , शिखर का फिटनेस का मसला नहीं है बल्कि उसके अंगूठे में चोट लगी है। कुछ खिलाडि़यों को चोट लगी है लेकिन अच्छी बात यह है कि उनका जल्दी पता लगा और हमने उन्हें आराम दिया। आगे काफी लंबा सत्र है और उनकी जगह लेने वाले दूसरे खिलाड़ी भी अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब रहे।
लंबे समय बाद टीम में लौटे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा ,शमी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। उसने अपनी फिटनेस पर भी काफी मेहनत की है। वह किसी भी विकेट पर विकेट ले सकता है। वह स्ट्राइक गेंदबाज है और जब भी गेंदबाजी के लिये आता है, कुछ होता है। बतौर कप्तान वह मेरे लिये काफी अहम गेंदबाज है।
होल्कर स्टेडियम पर यह पहला टेस्ट है और कोहली ने कहा कि विकेट अच्छा है। उन्होंने कहा, इंदौर में यह पहला टेस्ट है। यह अच्छा स्टेडियम है और पिच अच्छी लग रही है। यह इंदौर की आम पिच है और हम अच्छी रणनीति बना सकते हैं। मौसम को लेकर आशंका है लेकिन यह हमारे नियंत्रण के बाहर है। विकेट अच्छी लग रही है और उम्मीद है कि मैच अच्छा होगा।