
2011- बनाम श्रीलंका (कार्डिफ)
पहले टेस्ट के पांचवे दिन चाय के बाद का खेल चल रहा था और तय था कि मैच ड्रॉ हो जाएगा लेकिन तभी श्रीलंका के अंतिम आठ विकेट सिर्फ 49 रन पर गिर गए। ये कमाल किया क्रिस ट्रेमलेट और ग्रीम स्वान ने जिन्होंने चार-चार विके चटकाए।

2013-14- बनाम ऑस्ट्रेलिया (एडीलैड)
इस मैच ने साबित कर दिया था कि मिशल जॉनसन की पहले टेस्ट में की गई घातक गेंदबाज़ी कोई तुक्का नहीं थी।
एलेस्टैअर कुक की टीम संकट में थी। ऑस्ट्रेलिया के 570 रनों के जवाब में उसके चार विकेट 116 पर गिर गए थे। कुछ उम्मीद थी क्योंकि छह विकेट अभी बाक़ी थे लेकिन जॉनसन ये सभी विकेट अकेले निगल गए और इंग्लैंड 173 पर ऑल आउट हो गई।