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ईशांत शर्मा का बड़ा बयान, 'ये ऑस्ट्रेलिया दौरा हो सकता है मेरा आखिरी दौरा इसलिए सबकुछ झोंक देना चाहता हूं'

 Reported By: Bhasha
 Published : Nov 16, 2018 10:34 am IST,  Updated : Nov 16, 2018 10:34 am IST

इंग्लैंड दौरे पर पांच टेस्ट में ईशांत ने 18 विकेट चटकाए और इस दौरान बेहतरीन गेंदबाजी की।

ईशांत शर्मा- India TV Hindi
ईशांत शर्मा Image Source : GETTY

नयी दिल्ली: भारत के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा के लिए यह ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ का मामला है और उन्होंने कहा कि वह अपने चौथे और संभवत: आखिरी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सब कुछ झोंक देना चाहते हैं। मौजूदा टेस्ट टीम में इशांत 87 मैचों के साथ सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं और वह इससे पहले 2007-08, 2011-12 और 2014-15 में ऑस्ट्रेलिया का दौरा करने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं। 

इंग्लैंड दौरे के बाद दो महीने में अपना पहला प्रतिस्पर्धी मैच खेलने के बाद ईशांत ने कहा,‘‘मैं हमेशा अपना सब कुछ झोंक देता हूं क्योंकि जब आप देश के लिए खेल रहे होते हो तो आप दूसरे मौके के बारे में नहीं सोच सकते। मैं अभी 30 साल का हूं। मुझे नहीं पता कि मैं अगले दौरे (ऑस्ट्रेलिया का 2022-23 में) के लिए टीम में रहूंगा कि नहीं क्योंकि तब मैं 34 साल का हो जाऊंगा। इस दौरे पर मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा।’’

इंग्लैंड दौरे पर पांच टेस्ट में ईशांत ने 18 विकेट चटकाए और इस दौरान बेहतरीन गेंदबाजी की। ईशांत का मानना है कि वह अब अधिक परिपक्व हो गए हैं और यह मानसिक स्थिति है जो कई बार मैदानी प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाती है। 

भारत की ओर से 87 टेस्ट में 256 विकेट चटकाने वाले ईशांत ने कहा,‘‘मैं अब परिपक्व हूं और मुझे पता है कि क्षेत्ररक्षकों को कहां लगाना है और कैसे परिस्थितियों के अनुसार गेंदबाजी करनी है। जब आपकी उम्र बढ़ने लगती है तो शरीर को भी नुकसान पहुंचने लगता है। यह सब मानसिक स्थिति से जुड़ा है। अगर आप फिट हैं और आपकी मानसिक स्थिति अच्छी है तो आप कह सकते हैं कि आप अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं।’’ 

कप्तान कोहली (73 मैच) से भी ज्यादा टेस्ट खेलने वाले ईशांत का लक्ष्य अगली पीढ़ी के तेज गेंदबाजों को इस तरह से मेंटर करना है। उन्होंने कहा,‘‘मैं युवा गेंदबाजों से अपना अनुभव शेयर करता हूं, मेरे कहने का मतलब है कि मेरे पास जो भी अनुभव है उसे बांटता हूं। मैं फील्डिंग सजा सकता हूं और उन्हें बता सकता हूं कि किसी निश्चित विकेट पर किस तरह की गेंदबाजी करनी है। युवा तेज गेंदबाजों को भी सीनियर बनने के बाद जूनियर गेंदबाजों का मार्गदर्शन करना चाहिए।’’ 

इंग्लैंड में 2013 चैंपियन्स ट्रॉफी में भारत की जीत के हीरो रहे इशांत इससे आहत हैं कि वह भारत की सीमित ओवरों की टीम का हिस्सा नहीं हैं और सिर्फ 80 वनडे मैच खेल पाए। 

उन्होंने कहा,‘‘हां, इसे लेकर मुझे बुरा महसूस होता है कि मैं वनडे मैच नहीं खेलता। मैं देश के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलना चाहता हूं लेकिन कुछ चीजें हैं जिन्हें आप कंट्रोल नहीं कर सकते और मैं काफी नकारात्मक चीजों के बारे में सोचना नहीं चाहता।’’ 

इशांत ने स्वीकार किया कि ऑस्ट्रेलिया की टीम में स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर का नहीं होना फायदे की स्थिति होगी। उन्होंने कहा,‘‘आप ऐसा (भारत फायदे की स्थिति में होगा) कह सकते हैं। आंकड़े खुलासा करते हैं कि हाल के सालों में उनके 60 प्रतिशत रन स्मिथ और वॉर्नर ने बनाए हैं।’’

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