व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन के एक डिनर कार्यक्रम में शनिवार देर रात गोलीबारी का मामला सामने आया। इस कार्यक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वैंस भी शामिल थे। हालांकि हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप और अन्य शीर्ष अधिकारियों को सुरक्षा कर्मियों ने वहां से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के तुरंत बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, "प्रथम महिला, उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।" घटना के कुछ घंटों बाद, ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने कैलिफोर्निया के एक व्यक्ति को पकड़ लिया है।
हमलावर ने 10 मिनट पहले लिखा था मेनिफेस्टो
वहीं सुरक्षा कर्मी ने हमला करने से कुछ ही समय पहले अपने परिवार को एक मेनिफेस्टो भेजा था। हमलावर कोल एलन के मेनिफेस्टो से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि कोल एलन ने शनिवार रात व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में गोलीबारी शुरू करने से लगभग 10 मिनट पहले अपने परिवार को ट्रंप विरोधी मेनिफेस्टो भेजा था। द पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस दस्तावेज में उसने खुद को "फ्रेंडली फेडरल असैसिन" बताया है। उसने ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों की हत्या करने के अपने इरादे का भी खुलासा किया है।
एक अमेरिकी अधिकारी ने द पोस्ट को बताया कि एलन ने मेनिफेस्टो में लिखा था, "दूसरा गाल आगे तब किया जाता है जब आप खुद सताए हुए हो। मैं वह व्यक्ति नहीं हूं जिसका डिटेंशन कैंप में बलात्कार हुआ हो। मैं वह मछुआरा नहीं हूं जिसे बिना मुकदमे के मार डाला गया हो।" बता दें कि यह मेनिफेस्टो एक रिश्तेदार ने पुलिस को सौंपा था। उसने अपने मेनिफेस्टो में लिखा, “मैं कोई स्कूल जाने वाली बच्ची नहीं हूं जिसे बम धमाके में मार दिया गया हो, न ही कोई भूखी बच्ची हूं, न ही कोई किशोरी हूं जिसका इस प्रशासन के कई अपराधियों ने शोषण किया हो। जब कोई और पीड़ित हो तो चुप रहना ईसाई आचरण नहीं है; यह उत्पीड़क के अपराधों में मिलीभगत है।”
सुरक्षा का उड़ाया मजाक
हमलावर कोल एलन ने वाशिंगटन हिल्टन होटल में सुरक्षा की "बेहद खराब" व्यवस्था का मजाक उड़ाया। उसने कहा कि ईरानी जासूस और भी विनाशकारी हथियार ला सकते थे और "किसी को कुछ पता भी नहीं चलता।" उसने लिखा, "होटल में घुसते ही सबसे पहले जो बात मुझे नज़र आई, वह थी घमंड। मैं कई हथियार लेकर अंदर गया, लेकिन वहां मौजूद किसी ने भी यह नहीं सोचा कि मैं खतरा हो सकता हूं। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से खराब है, प्रदर्शनकारियों और पहले से मौजूद लोगों पर केंद्रित है, क्योंकि जाहिर तौर पर किसी ने यह नहीं सोचा कि अगर कोई एक दिन पहले चेक-इन कर ले तो क्या होगा।"
कोल एलन ने कहा, "सचमुच, इस स्तर की अक्षमता बेहद चौंकाने वाली है, और मैं पूरी ईमानदारी से आशा करता हूं कि जब तक इस देश को वास्तव में सक्षम नेतृत्व मिलेगा, तब तक इसे सुधार लिया जाएगा। सचमुच, अगर मैं अमेरिकी नागरिक होने के बजाय एक ईरानी एजेंट होता, तो मैं यहां एक एम2 ब्राउनिंग पिस्टल ला सकता था और किसी को पता भी नहीं चलता। वाकई बेहद चौंकाने वाली बात है।” बता दें कि एम2 ब्राउनिंग, अमेरिकी सेना के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाला हथियार होने का गौरव रखता है।
नो किंग्स प्रदर्शन में भी लिया था हिस्सा
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एलन ने कैप टैक्टिकल फायरआर्म्स से दो हैंडगन और एक शॉटगन खरीदी थी, जिसे उसने अपने माता-पिता के घर पर रखा था। अधिकारी के अनुसार, वह अक्सर शूटिंग रेंज में अभ्यास करता था। वह "द वाइड अवेक्स" नामक एक समूह से जुड़ा था और माना जाता है कि उसने कैलिफोर्निया में "नो किंग्स" विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था, जहां वह कॉलेज के छात्र थे और एक शिक्षक के रूप में कार्यरत थे।
व्हाइट हाउस में गोलीबारी का मकसद
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच के हवाले से कई रिपोर्टों में कहा गया है कि एलन ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसका इरादा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनके अधिकारियों को निशाना बनाने का था। गोलीबारी के कुछ घंटों बाद ही एफबीआई ने सबूत जुटाने के लिए एलन के घर की तलाशी ली।
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