नयी दिल्ली: टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर कल रवाना हो गई जहां वह धोनी की कप्तानी में पांच वनडे और तीन टी20 मैच खेलेगी। दक्षिण अफ़्रीका के साथ घरेलू श्रृंखला में जहां वनडे और टी20 में धुनाई के बाद धोनी की साख दांव पर है वही मार्च में टी20 विश्व कप के मद्देनज़र ये दौरा अहम माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया बेहद जुझारु टीम मानी जाती है और अपने घर में तो वो किसी भी टीम को नेस्तनाबूद करने का दमख़म रखती है। लेकिन जिस टीम से इंडिया को लोहा लेना है और जो टीम धोनी के धुरंधरों को चुनौती देने की सोच रही है, उनके लिए टीम इंडिया के तीन खिलाड़ी ही काफी है क्योंकि ये 3 ही ऑस्ट्रेलिया के 13 के बराबर हैं।
कमज़ोर मेज़बान, अनुभवी मेहमान
टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच का सबसे बड़ा अंतर है खिलाड़ियों का अनुभव। एक तरफ टीम इंडिया के खिलाड़ियों को कुल 1130 वनडे मैच का अनुभव है तो दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों को कुल 486 मैच का अनुभव है यानि कि दोनों ही टीम के बीच '644' मैच के अनुभव का अंतर है...
सिर्फ इतना ही नहीं कंगारू टीम के कुल 486 मैच के बराबर तो टीम इंडिया के तीन खिलाड़ि है। .धोनी, विराट और रोहित के कुल मैचों को जोड़ दे तो वो 579 मैच है ..जो ऑस्ट्रेलियन टीम के कुल 486 मैच से 93 मैच ज्यादा हैं।
ये हुई अनुभव की बात... अब ज़रा तुलना करते हैं दोनों टीमों की ताक़त की।

सलामी जोड़ी की टक्कर
टीम इंडिया के पास जहां रोहित और शिखर की सलामी जोड़ी है. तो वहीं दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया के पास डेविड वॉर्नर और एरॉन फिंच के तौर पर दमदार सलामी बल्लेबाज़ हैं। दोनों ही सलामी जोड़ी राइट एंड लेफ्ट हैंड कॉम्बिनेशन का शानदार नमुना हैं लेकिन शिखर और रोहित को ज्यादा मैच में एक साथ खेलने का अनुभव है।
शिखर और रोहित की सलामी जोड़ी ने अबतक 49 मैच में 45.8 की शानदार औसत से 2202 रन जोड़े हैं जिसमें 7 शतकीय साझेदारी शामिल हैं जबकि वॉर्नर और फिंच की जोड़ी अब तक 21 मैच सलामी जोड़ी के तौर पर खेली है जिसमें उसने 36.5 की औसत से 776 रन बनाए। इसमें 2 शतकीय साझेदारी शामिल है। यानि कि शिखर और रोहित की सलामी जोड़ी की तुलना में इनका तालमेल आधे से भी कम है।
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