केंद्र सरकार क्रिकेट प्रशासन को लेकर एक नया कानून लाने पर विचार कर रही है। ये बात अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कही।
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक मुकुल रोहतगी ने कहा कि बीसीसीआई के प्रशासकों को एक पैनल के द्वारा बदले जाने से भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान होगा। रेलवे, सर्विस और यूनिवर्सिटिज़ की वकालत कर रहे रोहतगी ने कहा कि कोर्ट को उसके फैसले से हो रहे असर को भी देखना होगा। इस पर जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि क्या आप इस पर कोई कानून लाने का विचार कर रहे हैं, तो मुकुल रोहतगी ने कहा कि हां, हम विचार कर रहे हैं।
बेंच ने कहा कि आपके बयान से लगता है कि आप कोई नया कानून लाने पर विचार रहे हैं, लेकिन अभी इस बात पर कोई जवाब नहीं है कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या असर पढ़ेगा। मुकुल रोहतगी ने कहा कि आईसीसी के कई नियमों के अनुसार यह ज़रुरी है कि सरकार कुछ फैसलों में दखल ना दे। इसलिए बोर्ड की स्वायत्ता को बनाए रखना भी ज़रुरी है।
गौरतलब है कि बीसीसीआई मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। नए प्रशासक की नियुक्ति के मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा- केंद्र और BCCI नाम सुझा सकते हैं हालांकि, ऐसे ही नाम सुझाएं जिनकी उम्र 70 साल से ज्यादा न हो। बता दें कि लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों की अवहलेना के बाद पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने BCCI प्रेसिडेंट अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के को हटा दिया था।