कोलंबो: भारत के टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने कहा कि श्रीलंका के मुश्किल दौर पर कप्तानी उनके लिए अतिरिक्त दबाव नहीं होगी और वह अगले हफ्ते से शुरू हो रही तीन टेस्ट की श्रृंखला में अच्छा क्रिकेट खेलने की कोशिश करेंगे।
बुधवार को यहां पहुंचने के बाद कोहली ने संवाददाताओं से कहा, कप्तानी और बल्लेबाजी दो पहलू हैं जिन्हें मैं एक साथ मिलाने का प्रयास नहीं करता। मुझे नहीं लगता कि मुझे कुछ बदलने की जरूरत है।
पहली बार पूर्ण टेस्ट श्रृंखला में टीम की कप्तानी कर रहे 26 साल के कोहली ने कहा कि यह प्रतिस्पर्धी श्रृंखला होगी क्योंकि अभी भारत और श्रीलंका दोनों पुनर्गठन के दौर से गुजर रहे हैं।
उन्होंने कहा, इस लिहाज से यह काफी प्रतिस्पर्धी श्रृंखला होगी कि दोनों टीमों के पास युवा खिलाड़ी हैं जिन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है।
पूर्व कप्तान कुमार संगकारा गाले में दूसरे टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगे और कोहली ने कहा कि यह श्रीलंका के सामने बड़ी चुनौती होगी।
भारत ने 1993 से श्रीलंका में कोई टेस्ट श्रृंखला नहीं जीती है लेकिन कोहली ने कहा कि वह इस तथ्य पर कोई ध्यान नहीं दे रहे और अच्छा क्रिकेट खेलना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, जब मैं यहां पहली वनडे श्रृंखला खेलने आया था तो मुझे बताया गया था कि भारत ने 25 साल से यहां एकदिवसीय श्रृंखला नहीं जीती है। मैंने तब कोई दबाव नहीं लिया। हम यहां अच्छा क्रिकेट खेलने आए हैं और प्रत्येक श्रृंखला हमारे लिए हमारी उस योजना का हिस्सा है जो हम अगले पांच से छह साल के लिए तैयार करना चाहते हैं।
इससे पहले श्रीलंका को हाल में पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में तीनों प्रारूपों में शिकस्त का सामना करना पड़ा था।