नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त न्यायमूर्ति आर एम लोढ़ा पैनल ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड :बीसीसीआई: में सुधार के बारे में अपनी रिपोर्ट आज न्यायालय की रजिस्ट्री को सौंप दी। इसी पैनल ने चेन्नई सुपर किंग्स एवं राजस्थान रॉयल्स को आईपीएल में हिस्सा लेने से दो साल के लिए निलंबित करने का सुझाव दिया था। बीसीसीआई के कामकाज के बारे में विभिन्न पहलुओं पर सुझाव देने वाली इस रिपोर्ट पर प्रधान न्यायाधीश टी एस ठाकुर की अगुवाई वाली पीठ बाद में विचार करेगी। उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री को लोढ़ा पैनल की रिपोर्ट अधिवक्ता गोपाल शंकर नारायण ने सौंपी। जस्टिस आर एम लोढ़ा ने प्रेस कांफ्रेंस कर कमेटी की जांच को विस्तार से बताया।
- बीसीसीआई और आईपीएल के लिए अलग-अलग बोर्ड हो। बीसीसीआई की काउंसिल में एक महिला सदस्य हो। आईपीएल गवर्निंग काउंसिल में 9 सदस्य हों। सीएजी ऑफिस से भी एक सदस्य हो। 5 सदस्य वोटिंग के जरिए चुने जाएं। 2 सदस्य आईपीएल फ्रेंचाइजी के हों।
- बीसीसीसीआई को आरटीआई के दायरे में लाया जाए। इसे आरटीआई के दायर में लाने के लिए कानून पास होना चाहिए।
- राज्य संघ में सिर्फ पूर्व क्रिकेटर हों, किसी नेता को कोई पद ना मिले। स्डेटियम रोटेशन सिस्टम लागू होना चाहिए। बीसीसीआई में कोई मंत्री या सरकारी कर्मचारी ना हो।
- इतिहास में पहली बार बीसीसीआई में खिलाड़ियों की एसोसिएशन भी बनेगी, लेकिन यूनियन नहीं होगी।
- एक राज्य में एक क्रिकेट संघ हो और सभी को वोट देने का हक़ हो।
- टेस्ट क्रिकेटर ही चयनकर्ता बने तथा देश में क्रिकेट को क्रिकेटर ही चलाएं।
- फ़िक्सिंग रोकने के लिए उठाए कदम और सट्टेबाज़ी को वैध बनाने का सुझाव।
पूर्व में पैनल ने आईपीएल की सर्वाधिक सफल टीम, महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स को 2013 में सामने आए सट्टा घोटाले के बाद दो साल के लिए निलंबित कर दिया था। इस घोटाले में उनके दो शीर्ष अधिकारी गुरूनाथ मयप्पन और राज कुन्द्रा कथित तौर पर लिप्त थे। बीसीसीआई के तत्कालीन अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद मयप्पन, इंडिया सीमेन्ट लि :आईसीएल: के स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी सीएसके के पूर्व टीम प्रिंसिपल थे। कुन्द्रा राजस्थान रायल्स का संचालन करने वाले जयपुर आईपीएल के सह मालिक थे। इन दोनों को बीसीसीआई ने किसी भी मैच के संचालन के लिए आजीवन निलंबित कर दिया था।