नई दिल्ली: दिल्ली की पटियाला हाऊस कोर्ट ने IPL-6 स्पॉट फिक्सिंग मामले में बडा फैंसला सुनाते हुए तीनो प्रमुख आरोपी क्रिकेटरों श्रीसंत, अजित चंदीला, और अंकित चव्हाण को बरी कर दिया है। यह फैसला दिल्ली पुलिस के लिए एक बड़े झटके के रुप में देखा जा रहा है।
क्या है मामला-
साल 2013 में IPL-6 में यह स्पॉट फिक्सिंग का मामला सामने आया था, जिसमें दिल्ली पुलिस ने तीन क्रिकेटरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था जिसमें समेत दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील को भी आरोपी बनाया गया था। इस मामले की सुनवाई 23 मई को पूरी हो गई थी। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक स्पॉट फिक्सिंग मामले में कुल 42 लोग आरोपी बनाएं, जिनमें से 6 फरार थे।
इससे पहले अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीना बंसल कृष्णा ने इस मामले में आरोप तय करने को लेकर 29 जून का दिन निर्धारित किया था। उन्होंने आरोपियों की ओर से पेश हो रहे वकीलों को 6 जून तक लिखित में अपना पक्ष रखने को कहा था।
पुलिस ने इस मामले में 6000 पेजों का एक आरोपपत्र दायर किया था। अदालत ने पहले श्रीसंत, चव्हाण और कई अन्य आरोपियों के विरुद्ध मकोका के प्रावधानों के तहत सबूत नहीं होने पर उन्हें जमानत दे दी थी। चंदीला समेत अन्य आरोपियों को भी बाद में अदालत से जमानत मिल गई थी।
आरोपियों के बरी होने का क्या था कारण-
कोर्ट ने क्रिकेटरों को बरी करने के पिछे कारण था कि उनके खिलाफ सबूत नहीं थे। पुलिस द्वारा आरोपीयों के खिलाफ मकोका जैसे सख्त कानून की धाराएं लगाने की मांग की गई थी। इन धाराओं के तहत, ठोस सबूत होना जरूरी है। क्रिकेटरों को बरी करने का यही आधार बना।
IPL-6 स्पॉट फिक्सिंग मामले में दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील भी नही हुए आरोप साबित-
पुलिस ने अपने आरोपपत्र में दावा किया था कि दाऊद और शकील भारत में क्रिक्रेट में फिक्सिंग और सट्टेबाजी को नियंत्रित करते रहे और वे ही IPL-6 स्पॉट फिक्सिंग के पीछे थे।
इस मामले में दिल्ली पुलिस दाऊद और छोटा शकील पर भी आरोप साबित करने में असफल रही।
कोर्ट का फैसला आने के बाद फफ्क-फफ्क कर रोए श्रीसंत-
जाहिर है इस मामले का फैसला आने के बाद तीनो क्रिकेटरो ने राहत की सांस ली है। कोर्ट का फैसला सुनने के बाद दो साल से मैदान पर नही उतरे श्रीसंत फफ्क-फफ्क कर रोए।
आगली स्लाइड में तस्वीरो में खुशी का इजहार करते श्रीसंत, अजित चंदीला, और अंकित चव्हाण-