नयी दिल्ली: टीम इंडिया के नये कोच के लिए सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं और पूर्व तूफ़ानी ओपनर वीरेंद्र सहवाग सहित 6 लोगों ने इस पद के लिए आवेदन किया है। ख़बरों की माने तो सहवाग को इस पद का मज़बूत दावेदार माना जा रहा है क्योंकि कप्तान विराट कोहली और टीम के कुछ अन्य वरिष्ठ सदस्य कुंबले के ख़िलाफ़ हैं। कुंबले को प्रक्रिया में स्वत: प्रवेश मिलेगा। अन्य दावेदारों में आस्ट्रेलियाई कोच टाम मूडी और इंग्लैंड के रिचर्ड पायबस भी हैं जो पाकिस्तान के कोच रह चुके हैं। रेस में भारतीयों में पूर्व तेज गेंदबाज डोडा गणेश और भारत ए के पूर्व कोच लालचंद राजपूत भी हैं। डोडा गणेश और लालचंद राजपूत ने पहले भी आवेदन किया था लेकिन कुंबले को उन पर तरजीह दी गयी थी।
आपको बता दें कि पहले अटकलें थीं कि सहवाग को कोच बनने में कोई दिलचस्पी नही है लेकिन बाद में उनके आवेदन करने से ये अटकलें न सिर्फ़ ख़त्म हो गईं बल्कि मुक़ाबला दिलचस्प भी हो गया है।
सहवाग को कोचिंग का कोई पूर्व अनुभव नहीं है हालांकि वह किंग्स इलेवन पंजाब आईपीएल टीम के मेंटर रहे हैं. भारत के सबसे बड़े मैच जिताऊ बल्लेबाज़ों में से एक रहे हैं। सहवाग ने 104 टेस्ट और 251 वनडे में क्रमश: 8586 और 8273 रन बनाए हैं।
एक तरफ़ जहां कोहली और कुंबले में ठनी हुई है वहीं गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त BCCI की प्रशासक समिति के सदस्य इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने इस विवाद के चलते समिति से इस्तीफ़ा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार वह कोच के चयन में कप्तान की दख़लंदाज़ी के ख़िलाफ़ थे।
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दरअसल इंग्लैंड पहुंचते ही कोहली-कुंबले विवाद उठ खड़ा हुआ। बताया जाता है कि कोहली कुंबले के रवैया से ख़ुश नहीं हैं और वह उन्हें अब कोच के रुप में चाहते भी नहीं है।
लंदन में पहली प्रेस कॉंफ़्रेंस में जब कोहली से कोच पद के लिए आवेदन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बड़े आराम से कहा, ''मुझे इसमें कुछ भी नया नज़र नहीं आया, पहले भी ऐसा होता रहा है।''
फिर जब उनसे टीम इंडिया की सफलता में कुंबले की भूमिका के बारे में पूछा गया तो उन्होंने तपाक से कहा, ''किसी एक का नही टीम के हर हिस्से का योगदान होता है।''