भारत और इंग्लैंड के बीच विशाखापट्टनम के मैदान पर खेले जा रहे 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले में टीम इंडिया की दूसरी पारी 255 रनों पर सिमट गई। इस टेस्ट मैच में भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 396 रनों का स्कोर बनाने में सफल हो सकी थी, जिसके बाद दोनों पारियों को मिलाकर भारतीय टीम मुकाबले में 651 रनों का स्कोर बनाने में कामयाब हुई लेकिन हैदराबाद टेस्ट और इस मुकाबले में टीम इंडिया की तरफ से दोनों पारियों में एक भी शतकीय साझेदारी देखने को नहीं मिली। जिसके चलते टीम इंडिया एक अनचाहे रिकॉर्ड का भी हिस्सा बन गई।
इस टेस्ट सीरीज के दोनों मुकाबलों में टीम इंडिया की तरफ से अब तक 11 अर्धशतकीय साझेदारी देखने जिसमें एक भी शतकीय पार्टनरशिप नहीं हो सकी। वहीं साल 1986 में इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ ही हुई टेस्ट सीरीज में ऐसा हुआ था जब टीम इंडिया की तरफ से एक भी शतकीय साझेदारी नहीं हो सकी थी और उसमें 13 अर्धशतकीय साझेदारी शामिल थी। वहीं टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारतीय टीम के लिए ये पांचवां ऐसा स्कोर है जिसमें टीम ने 651 रन बनाने के बावजूद एक भी शतकीय साझेदारी करने में कामयाबी हासिल नहीं की। टीम इंडिया का इस मामले में सबसे बड़ा स्कोर साल 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ हुए टेस्ट मैच में आया था, जिसमें दोनों पारियों के स्कोर को मिलाकर कुल 724 रन भारतीय टीम ने बनाए थे, लेकिन इसमें एक भी शतकीय साझेदारी शामिल नहीं थी।
724 बनाम वेस्टइंडीज, मुंबई, साल 2011
678 बनाम इंग्लैंड, लॉर्ड्स, साल 1990विशाखापट्टनम टेस्ट मैच के तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में 67 रन बनाने के साथ 1 विकेट गंवा दिया था। मैच की चौथी पारी में उन्हें 399 रनों का लक्ष्य हासिल करना है, ऐसे में इस मुकाबले का चौथा दिन काफी रोमांचकारी रहने की उम्मीद है, जिसमें टीम इंडिया को जहां सीरीज को बराबरी पर लाने के लिए 9 विकेट तलाश होगी तो वहीं इंग्लैंड 332 रन बनाने की कोशिश करेगी।
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