Shubman Gill: शुभमन गिल टीम इंडिया के दो फॉर्मेट में कप्तान हैं। टेस्ट में तो कप्तान बनने के बाद वे अच्छा खेल भी दिखा रहे हैं और बल्लेबाजी भी कर रहे हैं, लेकिन वनडे फॉर्मेट में टीम की कमान आखिर कैसे संभालनी है, ये उनकी समझ में शायद नहीं आ रहा है। भले ही पिछले दो मैचों में गिल ने अर्धशतक लगाए हों, लेकिन इसके बाद भी वे उस टच में नजर नहीं आ रहे हैं, जिसकी उम्मीद की जाती है। इस बीच ऐसा लगता है कि गिल कन्फ्यूज हो जाते हैं। सवाल ये है कि कहीं यही वजह तो नहीं कि वनडे में भी भारतीय टीम का बेड़ा गर्क हुआ जा रहा है।
नितीश कुमार रेड्डी का नहीं हो पा रहा है सही इस्तेमाल
भारतीय कप्तान शुभमन गिल की सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि वे फील्डिंग के दौरान कब किस गेंदबाज को लगाना है, किस फील्डर को कहां लगाना है, ये समझ नहीं पा रहे हैं। नितीश कुमार रेड्डी को टीम में हार्दिक पांड्या के विकल्प के तौर पर देखा जाता है। हार्दिक टी20 इंटरनेशनल तो लगातार खेल रहे हैं, लेकिन वनडे वे नहीं खेल पा रहे हैं। भारतीय टीम को एक ऐसे आलराउंडर की तलाश है, जो तेज गेंदबाजी के साथ साथ जरूरत पड़ने पर रन भी बना सकें, जो काम टी20 में हार्दिक पांड्या करते हैं। लेकिन अगर आप आंकड़ों पर नजर डालें तो नितीश कुमार को पूरे ओवर ही नहीं कराए जा रहे हैं। दो तीन ओवर से ज्यादा कभी उन्होंने डाले ही नहीं। साथ ही बैटिंग के लिए भी काफी नीचे भेजा जा रहा है।
गिल की कप्तानी में रेड्डी ने किया वनडे में अपना डेब्यू
भारतीय टीम के लिए नितीश कुमार रेड्डी ने अब तक केवल तीन वनडे मैच खेले हैं। इसमें उन्होंने केवल 47 रन बनाए हैं और विकेट का तो कॉलम ही खाली है। अब तक तीन मैचों में रेड्डी ने केवल 43 बॉल ही डाली हैं। यानी पूरे 10 ओवर तीन मैच के बाद भी वे नहीं कर पाए हैं। रेड्डी ने अपना वनडे डेब्यू शुभमन गिल की कप्तानी में अक्टूबर 2025 में पर्थ में किया था। उस मैच में वे नंबर आठ पर बल्लेबाजी के लिए आए। उन्हें केवल 11 बॉल खेलने के लिए मिली, इसमें उन्होंने नाबाद 19 रन बनाए। इस मैच में नितीश से केवल 2.1 ओवर कराए और उन्होंने 16 रन खर्च कर दिए।
काफी नीचे बल्लेबाजी के लिए आ रहे हैं रेड्डी
इसके बाद उसी सीरीज में नितीश कुमार ने दूसरा मैच खेला। इस बार भी नंबर आठ पर बल्लेबाजी के लिए आए। यहां उन्होंने 10 बॉल पर आठ रन बनाए। इस मैच में नितीश ने तीन ओवर की गेंदबाजी में 24 रन खर्च दिए। विकेट एक भी नहीं मिली। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्हें तीसरा मैच खेलने का मौका मिला। इस मुकाबले में नितीश कुमार नंबर सात पर बल्लेबाजी के लिए उतरे। उन्होंने 21 बॉल पर 20 रन बनाए और आउट हो गए। इस बार भी कप्तान गिल ने रेड्डी से दो ओवर कराए और इसमें 13 रन उन्होंने दिए।
नितीश कुमार को अक्सर बैठना पड़ता है प्लेइंग इलेवन से बाहर
सवाल ये है कि नितीश कुमार से अगर दो तीन ओवर कराए जाएंगे और सातवें आठवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जाएगा तो वे क्या ही करेंगे। ऐसे खेलकर तो हार्दिक पांड्या भी कुछ नहीं कर पाएंगे, जो इतने अनुभवी है, नितीश कुमार तो अभी नए नए हैं। खास बात ये भी है कि नितीश कुमार को मजबूरी में प्लेइंग इलेवन में मौका दिया जाता है। वॉशिंगटन सुूंदर चोटिल होकर बाहर हो गए हैं, इसलिए नितीश खेले, अगर सुंदर होते तो शायद रेड्डी बाहर ही बैठे होते। नितीश कुमार को ज्यादा बल्लेबाजी मिलनी चाहिए और गेंदबाजी के लिए भी कुछ और ओवर दिए जाएं, तभी उनकी प्रतिभा का सही आंकलन होगा। इसमें कप्तान गिल की भूमिका बहुत अहम होगी। देखना होगा कि सीरीज के तीसरे और आखिरी मैच में गिल रेड्डी को किस तरह मौका देते हैं।
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