रणजी ट्रॉफी में बुधवार से मुंबई और मध्य प्रदेश के बीच चैंपियन बनने की जंग शुरू हो जाएगी। बेंगलूरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाले खिताबी मुकाबले में एक तरफ रणजी इतिहास की सबसे सफल टीम मुंबई होगी तो वहीं दूसरी तरफ अपना दूसरा फाइनल खेलने वाली मध्य प्रदेश। आंकड़ों के लिहाज से मुंबई का पलड़ा भारी है क्योंकि वह 41 बार खिताब जीत चुकी है और उसके पास कई मैच जिताऊ खिलाड़ी मौजद हैं। लेकिन दूसरी तरफ 23 साल बाद दूसरी बार फाइनल में पहुंचने वाली मध्य प्रदेश के पास दो ऐसे खिलाड़ी हैं, जो जबरदस्त फॉर्म में हैं और अपने दम पर मैच का रूख मोड़ सकते हैं।
मध्य प्रदेश को फाइनल में पहुंचाने में वैसे तो पूरी टीम ने अहम योगदान दिया है, लेकिन टीम के बल्लेबाज रजत पाटीदार और स्पिन गेंदबाज कुमार कार्तिकेय इसके प्रमुख खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। दोनों ने ही टीम को अकेले दम पर कई मैच जिताए हैं। रजत 506 रनों के साथ जहां टीम के टॉप स्कोरर हैं तो वहीं कार्तिकेय 27 विकेट लेकर टॉप विकेट टेकर हैं।
आईपीएल 2022 में मुंबई इंडियंस का हिस्सा रहे कार्तिकेय ने पांच मैच की 9 पारियों में कुल 27 विकेट झटके हैं। इसमें 15 विकेट तो उन्होंने सिर्फ नॉकआउट मुकाबलों में लिए हैं। कार्तिकेय ने क्वॉर्टरफाइनल में पंजाब के खिलाफ एक पारी में एक और दूसरी पारी में छह विकेट झटके थे। जबकि सेमीफाइनल में बंगाल के खिलाफ उन्होंने तीन और पांच यानी कुल आठ विकेट निकाले।

आईपीएल 2022 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को अहम हिस्सा रहे रजत पाटीदार ने रणजी ट्रॉफी के नॉकआउट में जबरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने पंजाब के खिलाफ क्वॉर्टरफाइनल में 85 रन की पारी खेली तो वहीं बंगाल के खिलाफ सेमीफाइनल में सात और 79 रन की पारी खेली। उन्होंने टूर्नामेंट में पांच मैच की सात पारियों में 72.28 की औसत से 506 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतकीय पारियां भी खेली।

रजत को आरसीबी ने बतौर रिप्लेसमेंट आईपीएल 2022 में शामिल किया था। रजत ने इसके बाद मौके का भरपूर फायदा उठाया और आठ मैचों में 55.50 की औसत और 152.75 की स्ट्राइक रेट से 333 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान एक शतक और दो अर्धशतक भी लगाए। बात करें कुमार कार्तिकेय की तो उन्हें मुंबई इंडियंस ने रिप्लेसमेंट के तौर पर अपने साथ जोड़ा था। उन्होंने भी खुद को साबित किया और चार मैच में 7.84 की इकोनॉमी और 20.40 की औसत से पांच विकेट झटके।
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