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NASA: नासा से हुई बड़ी गलती, छुद्रग्रह 'बेन्नु' के नमूने यान से छलककर अंतरिक्ष में गिरे

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 26, 2020 12:53 pm IST,  Updated : Oct 26, 2020 12:54 pm IST

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने क्षुद्रग्रह बेन्नु पर अं​तरिक्ष यान उतार कर बड़ी सफलता हासिल की। लेकिन अब नासा की एक गलती उसी पर भारी पड़ रही है।

NASA- India TV Hindi
NASA Image Source : AP

वाशिंगटन। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने क्षुद्रग्रह बेन्नु पर अं​तरिक्ष यान उतार कर बड़ी सफलता हासिल की। लेकिन अब नासा की एक गलती उसी पर भारी पड़ रही है। पिछले हफ्ते नासा का अंतरिक्ष यान ओरिजिंस रेक्स यानी स्पेक्ट्रल इंटरप्रेटेशन रिसोर्स आइडेंटिफिकेशन सिक्योरिटी- रेगोलिथ एक्सप्लोरर (ओएसआइआरआइएस आरईएक्स) छुद्र ग्रह पर लैंड हुआ था। करीब दो दिनों के बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के यान ने करीब 60 ग्राम सामग्री एकत्र की। लेकिन अब विज्ञानिकों ने जो जानकारी दी है, वह वास्तव में चौंकाने वाली है। नासा के नअुसार उसके कंटेनर से ये नमूने छलक कर अंतरिक्ष में ही गिर रहे हैं। 

हालांकि वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही इस समस्या को सुलझा लिया जाएगा। ओरिजिंस-रेक्स अंतरिक्ष यान को चार साल पहले केप केनवरल से प्रक्षेपित किया गया था। दो साल पहले यह बेन्नु क्षुग्रह पर पहुंच गया था। इससे पहले जापान दो बार क्षुद्रग्रह के नमूने एकत्रित कर चुका है। यह अंतरिक्ष यान तीन साल बाद यानी सितंबर 2023 में धरती पर वापस लौटेगा।

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Image Source : APNASA

दरअसल, मंगलवार की रात OSIRIS-REx का रोबोटिक हाथ Bennu पर स्थित चट्टानों के मलबे से टकराया और फिर उसने उसके टुकड़े को पृथ्‍वी से करीब 200 मिलियन मील (32 करोड़ किमी) दूरी पर एक कलेक्‍शन डिवाइस में रखा। ताकि इस सैंपल को धरती पर भेजा जा सके लेकिन बाद में तस्‍वीरों से पता चला कि इस कलेक्‍शन डिवाइस में वैज्ञानिक की सोच से कहीं ज्‍यादा बड़ा टुकड़ा था। अब इस टुकड़े की परतें खुरच-खुरचकर अंतरिक्ष में फैल रही हैं।

नासा के विज्ञानियों को उम्मीद है कि अंतरिक्ष यान से लाए गए 'बेन्नु' के नमूनों की मदद से सौरमंडल की उत्पत्ति के राज खुल सकते हैं। माना जाता है कि क्षुद्र ग्रहों की उत्पत्ति भी सौरमंडल के साथ ही हुई थी। इसके नमूनों से यह पता चल सकेगा कि करोड़ों साल पहले सौरमंडल ने कैसे आकार लिया होगा और कौन-कौन से अवयव छोड़े होंगे जो धरती पर जीवन के विकास में मददगार बने होंगे। 

 
'ओरिजिंस-रेक्स' नासा के नए फ्रंटलाइन प्रोग्राम का तीसरा मिशन है। वाशिंगटन में नासा के साइंस मिशन निदेशालय के लिए हंट्सविले, अलबामा में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी का मार्शल स्पेस फ्लाइट सेंटर इस कार्यक्रम का प्रबंधन कर रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी की मुख्य विज्ञानी डेंटे लॉरेटा ने अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि 'ओरिजिंस-रेक्स' ने उम्मीद से अधिक नमूने एकत्रित कर लिए हैं और अब उन्हें सुरक्षित धरती पर लाना किसी मिशन से कम नहीं है। 

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