सरकार ने AI जेनरेटेड कंटेंट के नियमों में और सख्ती की तैयारी कर ली है। MeitY ने इस नियम में एक नए बदलाव के बारे में नोटिफाई किया है। इसके लिए 29 अप्रैल से लेकर 7 मई के बीच स्टेकहोल्डर्स से फीडबैक मांगा गया है। यह नया बदलाव AI कंटेंट के लेबलिंग को लेकर किया गया है, ताकि कोई नियमों में लूप-होल निकालकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश न करे।
AI कंटेंट नियमों में सख्ती
MeitY ने इसे लेकर मंगलवार को एक नया नोटिस पब्लिश किया है, जिसमें एआई जेनरेटेड कंटेंट की लेबलिंग करने के नियम को सख्त करने का बात कही है। इसके लिए AI जेनरेटेड कंटेंट के नियम 3 (3)(a)(ii) को संशोदित किया गया है। इसमें कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड होने वाले AI जेनरेटेड कंटेंट को लेबल करने की जरूरत है। जब तक एआई जेनरेटेड कंटेंट स्क्रीन पर रहेगा, तब तक इसका लेबल स्क्रीन पर साफ-साफ दिखाई देनी चाहिए।
सरकार ने एआई जेनरेटेड कंटेंट को लेकर प्रोमिनेंट लेबल विजिबिलिटी पॉलिसी को तैयार किया है। स्क्रीन पर चाहे कोई फोटो हो या फिर वीडियो जो एआई के जरिए क्रिएट किया गया है, उसके साथ स्क्रीन पर स्पष्ट अक्षरों में लेबल दिखाना जरूरी है। हालांकि, यह बदलाव जरूर छोटा लग रहा हो, लेकिन इसके मायने बड़े हैं। ऐसे में क्रिएटर्स केवल एक बार लेबल लगाकर नहीं बच सकते हैं। स्क्रीन पर जब तक एआई जेनरेटेड कंटेंट फोटो या वीडियो के फॉर्म में दिखाई देगा, लेबल को स्पष्टता के साथ दिखाना होगा।
7 मई की डेडलाइन
एआई कंटेंट के बदलाव के बारे में जो नया संशोधन करने का प्रस्ताव है उसमें ये कहा गया है कि एआई जेनरेटेड कंटेंट अगर स्क्रीन पर किसी भी फॉर्म यानी ऑडियो, वीडियो, फोटो या टेक्स्ट मैसेज में क्यों न हो, एक स्पष्ट लेबल तब तक दिखनी चाहिए, जब तक की कंटेंट स्क्रीन पर दिखाई दे रहा हो। इस AI जेनरेटेड कंटेंट के नियमों में बदलाव को लेकर स्टेकहोल्डर्स से 7 मई तक फीडबैक सबमिट करने के लिए कहा गया है। स्टेकहोल्डर्स से फीडबैक मिलने के बाद सरकार इस नियम में संशोधन कर देगी।
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