AVGC: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत इनोवेशन-बेस्ड अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते हुए एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) क्षेत्र को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को एक वेबिनार का उद्घाटन करते हुए शैक्षणिक संस्थानों से उद्योग जगत के साथ सहयोग बढ़ाने और शोध-आधारित शिक्षा को मजबूत करने का आह्वान किया, ताकि शैक्षणिक संस्थान नवाचार और उद्योग सहभागिता के केंद्र बन सकें।
एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के मुताबिक उन्होंने कहा कि इससे छात्रों को वास्तविक दुनिया का अनुभव मिलेगा और राष्ट्रीय कौशल पारिस्थितिकी तंत्र भी मजबूत होगा। प्रधानमंत्री ने वेबिनार श्रृंखला का उद्घाटन करते हुए इस बात पर बल दिया कि भारत नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ते हुए एवीजीसी क्षेत्र को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रहा है।
कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) की स्थापना भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जैसे प्रमुख संस्थानों की तर्ज पर की है। इस संस्थान में उच्च तकनीक वाली मॉडल प्रयोगशालाएं शामिल हैं जिन्हें विश्व स्तर पर सर्वश्रेष्ठ माना जाता है और ये दुनिया की अग्रणी सुविधाओं के समकक्ष हैं। उन्होंने कहा कि यह संस्थान रचनात्मक, मीडिया और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के उभरते क्षेत्रों में युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि दूरदर्शन ने 'क्रिएटर्स कॉर्नर' नामक एक शो की शुरुआत की है, जो कंटेंट क्रिएटर्स को अपना काम दिखाने, राजस्व अर्जित करने और देश के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर दर्शकों तक पहुंचने का अवसर प्रदान करता है। वेबिनार के समापन सत्र में, सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने भारत की जीवंत संस्कृति और रचनात्मकता को प्रदर्शित करने के लिए नागरिकों को एक लोकतांत्रिक मंच प्रदान करने में रचनाकार अर्थव्यवस्था के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र के रूपांतरण में प्रौद्योगिकी की भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) की विशेषज्ञता का उपयोग देश भर में कंटेंट क्रिएटर लैब्स की स्थापना में सहयोग के लिए किया जाएगा।
इन चर्चाओं का उद्देश्य एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स पहल के लिए एक मजबूत कार्यान्वयन ढांचा विकसित करने में योगदान देना है। इससे युवा भारतीयों को रचनात्मक और डिजिटल कौशल हासिल करने में मदद मिलेगी और वैश्विक एवीजीसी इकोसिस्टम में भारत की स्थिति सुदृढ़ होगी।
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