1. Hindi News
  2. तेलंगाना
  3. 46 फीसदी ओबीसी, 10 फीसदी मुसलमान, सामने आए तेलंगाना जातिगत जनगणना के आंकड़े

46 फीसदी ओबीसी, 10 फीसदी मुसलमान, सामने आए तेलंगाना जातिगत जनगणना के आंकड़े

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Feb 03, 2025 11:59 am IST,  Updated : Feb 03, 2025 11:59 am IST

तेलंगाना जाति सर्वेक्षण के आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि तेलंगाना की आबादी में पिछड़े वर्ग की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। इस सर्वे में राज्य के लगभग 97 फीसदी लोगों को शामिल किया गया है।

Telangana- India TV Hindi
तेलंगाना जातिगत जनगणना के आंकड़े आ चुके हैं Image Source : PTI

तेलंगाना में पिछले साल हुई जातिगत जनगणना के आंकड़े सामने आ गए हैं। राज्य की जनसंख्या में अन्य पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। मुस्लिम अल्पसंख्यकों को छोड़कर अन्य पिछड़े वर्ग की आबादी 46.25 प्रतिशत है, जो राज्य की कुल 3.70 करोड़ जनसंख्या का सबसे बड़ा हिस्सा है। राज्य में जातिगत आधार पर कराए गए सर्वेक्षण से यह जानकारी मिली है। जनसंख्या के प्रतिशत के संदर्भ में पिछड़ी जातियों के बाद अनुसूचित जाति (17.43 प्रतिशत), अनुसूचित जनजाति (10.45), मुसलमानों में पिछड़े वर्ग (10.08) और अन्य जातियां (13.31), मुसलमानों में पिछड़ी जातियां (2.48) हैं। 

सर्वेक्षण करने वाले राज्य योजना विभाग ने रविवार को राज्य नागरिक आपूर्ति मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट उप-समिति को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। मंत्री ने कहा कि रिपोर्ट चार फरवरी को राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष पेश की जाएगी। उसी दिन इसे बहस के लिए विधानसभा के विशेष सत्र में रखा जाएगा। 

किस वर्ग की कितनी आबादी?

संख्या के लिहाज से, अनुसूचित जातियों की जनसंख्या 61,84,319, अनुसूचित जनजातियों की 37,05,929, मुस्लिम अल्पसंख्यकों के अलावा पिछड़ी जातियों की जनसंख्या 1,64,09,179 है। वहीं, मुस्लिम अल्पसंख्यकों में पिछड़ी जातियों की जनसंख्या 35,76,588 है, मुस्लिम (ओसी) की जनसंख्या 8,80,424 है। रेड्डी ने संवाददाताओं को बताया कि राज्य में कुल मुस्लिम प्रतिशत 12.56 है। राज्य में कुल मकानों की संख्या 1,15,78,457 है, जबकि सर्वेक्षण किए गए कुल मकानों की संख्या 1,12,15,134 है। तेलंगाना पिछड़े वर्ग की श्रेणी में पिछड़े मुसलमानों को आरक्षण प्रदान करता है। रेड्डी ने रिपोर्ट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सर्वेक्षण में 3,54,77,554 व्यक्तियों (जनसंख्या का 96.9 प्रतिशत) को शामिल किया गया।

सर्वे में शामिल नहीं हुए 16 लाख लोग

रेवंत रेड्डी ने कहा कि 3.1 प्रतिशत आबादी (16 लाख) इस सर्वेक्षण से बाहर रह गई, क्योंकि वे या तो उपलब्ध नहीं थे या उन्होंने इसमें भाग लेने में रुचि नहीं दिखाई। मंत्री ने कहा, ‘‘रिपोर्ट तैयार करने की यह प्रक्रिया और रिपोर्ट तेलंगाना सरकार के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो देश के सामाजिक इतिहास में दर्ज हो जाएगी।’’ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव के समय व्यापक सामाजिक-आर्थिक, रोजगार, राजनीतिक और जातिगत सर्वेक्षण कराने का वादा किया था। यह सर्वेक्षण छह नवंबर, 2024 से 50 दिनों में किया गया। (इनपुट- पीटीआई भाषा)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। तेलंगाना से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।