अमरनाथ यात्रा में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहुंचे हुए हैं। इन सभी तीर्थयात्रियों की खास सुरक्षा व्यवस्था की गई है। 3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा 9 अगस्त 2025 तक चलेगी।
Amarnath Yatra: अमरनाथ यात्रा के दौरान कई ऐसे पवित्र स्थान आते हैं जहां भगवान शिव ने अपने प्रतीकों को त्याग दिया था। प्रतीकों को त्यागने की वजह क्या थी इसके बारे में आज हम आपको जानकारी देंगे।
अमरनाथ यात्रा भगवान शिव के रूप 'बाबा बर्फानी' के दर्शन के लिए की जाने वाली एक पवित्र तीर्थयात्रा है। इस कठिन तीर्थयात्रा में श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभव प्राप्त होता है।
हर-हर महादेव की गूंज के साथ अमरनाथ यात्रा के लिए भक्तों का पहला जत्था रवाना हो गया है। भक्तों को कल बाबा के दर्शन होंगे। LG मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को झंडी दिखाई है।
अमरनाथ यात्रा की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। सुरक्षाबलों की ओर से यात्रा की सुरक्षा के लिए मॉक ड्रिल-ट्रायल रन आदि का आयोजन किया रहा है। आइए जानते हैं कि अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा की क्या तैयारियां हैं।
अमरनाथ यात्रा में जाने वाले सभी यात्रियों को इस बार आरएफआईडी कार्ड दिए जाएंगे। वहीं, सुरक्षा काफिले के बिना यात्रियों को सफर करने की अनुमति नहीं होगी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
आगामी 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा को लेकर जोर-शोर से तैयारियां जारी हैं। अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी पूर्ण स्वरूप में आ गए हैं। शिवलिंग का Video भी सामने आया है।
जम्मू कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले अमरनाथ गुफा में बुधवार को पहली पूजा की। इस मौके पर अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सभी बड़े अधिकारी मौजूद रहे।
अमरनाथ यात्रा में शामिल होने वाले यात्रियों के लिए जम्मू-कश्मीर के होटल एसोसिएशन और हाउस बोट एसोसिएशन ने किया 50% से ज्यादा डिस्काउंट देने का ऐलान किया है।
Amarnath Yatra 2025 Registration: अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। भक्तगण अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी यात्रा का रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। बता दें कि बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।
अमरनाथ यात्रा के लिए गुरुवार को 4800 से अधिक यात्रियों का जत्था रवाना हो चुका है। बता दें कि यह 14वां जत्था है, जो बाबा बर्फानी के दर्शन करेगा। आतंकवादी हमले को ध्यान में रखते हुए कुछ मार्गों पर सुरक्षा को और कड़ा कर दिया गया है।
बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए 6 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का जत्था अमरनाथ गुफा के लिए रवाना हो चुका है। बता दें कि बीते दिनों अमरनाथ गुफा में बर्फ के पिघल जाने के कारण दर्शन को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था।
बाबा बर्फानी की इस साल की पहली तस्वीर सामने आ चुकी है। सामने आए फोटो में बाबा बर्फानी और भक्त नजर आ रहे हैं। वहीं, वीडियो में भक्तों को भगवान भोलेनाथ के दर्शन करते देखा जा सकता है।
Amarnath Yatra 2024 के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। 29 जून 2024 से शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए ऑनलाइन परमिट डाउनलोड कैसे करें, आइए जानते हैं...
Amarnath Yatra 2023: अमरनाथ गुफा से जुड़ी कई कथाएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि इस गुफा में जाने से पहले शिवजी ने अपने शरीर से सांप, चंद्र और गंगा जी सबको हटा दिया था। यहां जानिए आखिर इसके पीछे क्या कारण था।
Amarnath Yatra: अमरनाथ यात्रा 1 जुलाई से शुरू हो रही है। सीआरपीएफ के जवानों के तरफ से तैयारी चल रही है ताकि सुरक्षा में कोई चूक ना हो सके। अब इस एसोसिएशन ने 30% छूट देने का ऐलान किया है।
Amarnath Yatra 2023: हिंदू धर्म को मानने वालों के लिए अमरनाथ की यात्रा काफी महत्व रखता है। इस यात्रा के शुरू होने का इतंजार हर शिव भक्त को बड़ी बेसब्री से रहता है। तो आइए जानते हैं कि इस साल अमरनाथ की यात्रा कब शुरू होगी।
Amarnath Yatra 2022: गुफा के आस-पास पहाड़ों में बारिश के चलते आज दोपहर करीब 3 बजे जलाशयों और आस-पास के झरनों में बाढ़ आ गई।
Amarnath Yatra 2022: हमें आज तक बताया गया था कि अमरनाथ गुफा की खोज 1850 में हुई थी, जबकि इस पवित्र गुफा और महादेव के हिमलिंग स्वरूप का जिक्र 5वीं शताब्दी में लिखे गए पुराणों से लेकर, 1148 में लिखी गई राजतरंगणि में भी मिलता है।
केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने अमरनाथ यात्रा के लिए शुक्रवार को सुरक्षा संबंधी तैयारियों की समीक्षा की।
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