देश में होने वाली जनगणना को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच गृह मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि जनगणना 2027 के तहत जाति आधारित गणना निश्चित रूप से की जाएगी।
भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकानसूचीकरण और मकानों की गणना हेतु प्रश्नावली की अधिसूचना जारी कर दी गई है।
RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि जाति जनगणना का मकसद सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों की पहचान करके उनकी प्रगति करना होना चाहिए।
कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया स्कूलों में 8 से 18 अक्टूबर तक छुट्टी की घोषणा की है। सीएम ने बताया कि राज्य में जातिगत सर्वेक्षण का काम पूरा करने में कम से कम 10 दिन लगेंगे। इसमें 1.6 लाख लोगों को शामिल किया गया, जिनमें 1.2 लाख शिक्षक और सरकार के 40,000 अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
कर्नाटक में आज से जाति जनगणना शुरू कर दी गई है। यह जाति जनगणना 7 अक्टूबर तक होगी। राज्य सरकार द्वारा इससे पहले भी जाति जनगणना कराई गई थी। ऐसे में आइये जानते हैं कि दोबारा जाति जनगणना क्यों करवानी पड़ रही है।
सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि दशहरे की छुट्टियों के दौरान सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को सर्वेक्षण के लिए तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा, लगभग 1,75,000 शिक्षकों का सहयोग लिया जाएगा जिनमें से प्रत्येक को 20,000 रुपये तक का पारिश्रमिक दिया जाएगा।
देश में जातिगत जनगणना कराए जाने को लेकर सीएम नीतीश कुमार ने पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहा है। दरअसल पीएम नरेंद्र मोदी एक बार फिर बिहार के दौरे पर हैं।
पॉलिटिक्स में अब नैरेटिव वॉर सबसे ज्यादा घातक हो चला है....एक शिगूफा छोड़ा जाता है...जब तक उसकी सच्चाई सामने आए...विरोधियों का काम बन जाता है....बीते कुछ दिनों में एंटी मोदी ब्रिगेड की तरफ से यही काम किया जा रहा है
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने जाति आधारित जनगणना को न्यायपूर्ण शासन और संसाधनों के उचित वितरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
जाति जनगणना की तारीख सामने आ गई है। सूत्रों के हवाले से इस तारीख का पता लगा है। लंबे समय से जनता जाति जनगणना का इंतजार कर रही थी। अब ये इंतजार जल्द ही पूरा होने वाला है।
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी पार्टी जातिगत भेदभाव को खत्म करना चाहती है, लेकिन जाति जनगणना इसलिए जरूरी है, ताकि हाशिये पर पड़ी जातियों का विकास किया जा सके और उन्हें मुख्य धारा में शामिल किया जा सके।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आने वाली जनगणना में ‘सरना’ का अलग कॉलम होना चाहिए। उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आह्वान किया कि वह भी इसके लिए प्रयास करें।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने जाति जनगणना को लेकर तीन सुझाव दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने इन सुझावों पर सभी दलों के साथ संवाद करने का आग्रह किया है।
केंद्र सरकार जातिगत जनगणना कराने जा रही है। इसे लेकर बसपा सुप्रीम मायावती ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, भाजपा और कांग्रेस दोनों एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं।
केंद्र सरकार ने देश में जातिगत जनगणना कराने का फैसला किया है। इसे लेकर तेजस्वी यादव पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में कहा, 'जाति जनगणना कराना सामाजिक न्याय की लंबी यात्रा का पहला कदम है।'
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने जाति जनगणना पर केंद्र सरकार से सवाल पूछा है। उन्होंने केंद्र से जाति जनगणना कराने की टाइमलाइन पूछी है। ओवैसी ने सवाल किया कि बीजेपी और एनडीए बताएं कि ये कब शुरू होगा, कब खत्म होगा और कब लागू होगा?
केंद्र सरकार ने बुधवार को घोषणा की थी कि जाति गणना अगली जनगणना का हिस्सा होगी। राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (CCPA) ने यह फैसला किया था।
1931 में हुई जाति जनगणना के अनुसार देश में सबसे ज्यादा आबादी ब्राह्मणों की थी। इसके बाद जाटव और राजपूत थे। हालांकि, लगभग 94 साल में देश का सामाजित स्वरूप काफी बदला है और सही नीतियां बनाने के लिए जाति जनगणना जरूरी है।
जातियों के आंकड़े आने में तो तीन-चार साल का वक्त लगेगा लेकिन इसका पहला असर पांच महीने के बाद बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में दिखेगा। महागठबंधन के हाथ से बड़ा मुद्दा हट कर बीजेपी के पास पहुंच जाएगा।
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को जाति जनगणना को जल्द लागू करने पर जोर दिया और जानना चाहा कि 2029 के संसदीय चुनावों से पहले रिपोर्ट उपलब्ध होगी या नहीं।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़