Saltora Assembly Election: सालतोड़ा में अब तक तीन विधानसभा चुनाव हुए हैं। इनमें से दो टीएमसी ने जीते थे और तीसरा बीजेपी के खाते में गया। इस बार दोनों पार्टियों में कांटे की टक्कर होना तय है।
Bankura Assembly Election: बांकुड़ा में पिछले कुछ समय से किसी भी पार्टी ने लगातार दो चुनाव नहीं जीते हैं। 2011 में टीएमसी के काशीनाथ मिश्रा की मौत के बाद उनकी पत्नी ने उपचुनाव जीता था, लेकिन इसके बाद ममता की पार्टी दोनों चुनाव हारी है।
Raghunathpur Assembly Election: रघुनाथपुर में बीजेपी लगातार दूसरी बार जीत हासिल करने की कोशिश करेगी। वहीं, टीएमसी की कोशिश यहां अपनी खोई जमीन दोबारा हासिल करने की होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव खर्च को लेकर दायर की गई याचिका पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है।
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के लिए मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है जिसमें कुल चार करोड़ से अधिक मतदाता हैं जो मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जानें प्रदेश में पंचायत चुनाव कब होंगे?
कालना पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्दवान जिले में स्थित एक विधानसभा क्षेत्र है। कालना विधानसभा सीट पर तृणामूल कांग्रेस का दबदबा रहा है। भाजपा ने भी यहां अपने जनाधार में विस्तार किया है।
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में वर्धमान उत्तर विधानसभा क्षेत्र के अपना अलग ही महत्व है। इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस मजबूत रही है। फिलहाल, भाजपा ने भी यहां अपना जनाधार बढ़ाया है।
चुनाव आयोग की ओर से तमिलनाडु में SIR की प्रक्रिया के बाद अंतिम वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, राज्य में वोटर लिस्ट से 74 लाख से ज्यादा नाम हटा दिए गए हैं।
पिछले साल 27 अक्टूबर से SIR प्रक्रिया शुरू हुई है। तब इन 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 21.45 करोड़ पंजीकृत वोटर्स थे। अब यह संख्या घटकर 19.75 करोड़ रह गई है।
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में वर्धमान दक्षिण क्षेत्र बदलती राजनीतिक तस्वीर का प्रतीक है। यहां वामपंथ के प्रभाव से लेकर TMC के उभार और भाजपा बढ़ी ताकत का प्रभाव साफ नजर आता है।
राजारहाट गोपालपुर सीट पर तृणमूल कांग्रेस का दबदबा रहा है। पिछले 2 चुनावों में यहां से तृणमूल कांग्रेस जीती है। ऐसे में इस चुनाव में जीत हासिल करना तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनौती होगी।
पश्चिम बंगाल की दम दम सीट पर तृणमूल कांग्रेस मजबूत स्थिति में रही है और पिछले दो चुनावों में यहां से जीती है। ऐसे में यहां तृणमूल के सामने अपनी सीट बचाने की चुनौती होगी, वहीं बाकी पार्टियों के लिए ये सीट जीतने का मौका होगा।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में दुबराजपुर विधानसभा क्षेत्र बदलते सियासी समीकरणों के लिए जाना जाता है। यहां भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों ने ही जीत का परचम लहराया है। इस बार भी यहां दिलचस्प मुकाबले की उम्मीद है।
महाराष्ट्र के भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका मेयर चुनाव में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भाजपा के नौ पार्षदों ने कांग्रेस का साथ देने का फैसला किया है जिसके बाद अब कांग्रेस का मेयर बनना तय है।
चुनाव आयोग की ओर से देश के 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR कराने की तैयारी की जा रही है। आयोग द्वारा इसके लिए इन प्रदेशों तैयार रहने को कहा गया है।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान इस बार रामपुरहाट विधानसभा सीट पर सभी की नजरें रहना वाली है। इस सीट पर TMC का दबदबा रहा है लेकिन इस बार BJP यहां बड़ी ताकत बनकर उभर सकती है।
पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी दलों में जोर आजमाइश शुरू हो चुकी है। चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है। चलिए इस बीच आपको सैंथिया विधानसभा सीट के बारे में बताते हैं।
पश्चिम बंगाल की कमरहाटी सीट पर CPI (M) और टीएमसी का वर्चस्व रहा है। आने वाले चुनाव में ये देखने वाली बात होगी कि जनता किस पार्टी पर भरोसा करती है।
भारत निर्वाचन आयोग ने 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए द्विवार्षिक राज्यसभा चुनाव की घोषणा की है। मतदान की तिथि 16 मार्च 2026 है। मतगणना मतदान के दिन ही होगी।
पश्चिम बंगाल में इसी साल विधानसभा के चुनाव हैं। चुनाव को लेकर बंगाल में एसआईआर कराए जाने की प्रक्रिया चल रही है। SIR का विरोध ममता बनर्जी लगातार कर रही हैं।
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