वित्त वर्ष 2025 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर चार साल के निचले स्तर 6.4% रहने का अनुमान है। पिछले साल जीडीपी ग्रोथ 8.2% थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की संभावनाएं उज्ज्वल हैं, क्योंकि व्यापक आर्थिक बुनियादी मजबूत है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि 6.6 प्रतिशत और वित्ती वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
आरबीआई ने वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (एफएसआर) का दिसंबर 2024 का अंक जारी किया है, जो भारतीय वित्तीय प्रणाली के लचीलेपन और वित्तीय स्थिरता के जोखिमों पर वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की उप-समिति के सामूहिक मूल्यांकन को दर्शाता है।
आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) में सचिव अजय सेठ ने सोमवार को कहा कि दूसरी तिमाही में 5.4 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि अनुमान से कम है लेकिन दूसरी छमाही बेहतर रहने का भरोसा है।
ग्रामीण मांग मजबूत बनी हुई है। अक्टूबर-नवंबर, 2024 के दौरान दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री और घरेलू ट्रैक्टर की बिक्री में क्रमशः 23.2 प्रतिशत और 9.8 प्रतिशत की वृद्धि से इसका अनुमान लगाया जा सकता है। शहरी मांग बढ़ रही है।
‘ईवाई इकनॉमी वॉच दिसंबर’ 2024 में वित्त वर्ष 2024-25 (अप्रैल 2024 से मार्च 2024 वित्तीय वर्ष) और वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।
2024-25 की तीसरी तिमाही के लिए उच्च आवृत्ति संकेतक (एचएफआई) संकेत देते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था दूसरी तिमाही में देखी गई मंदी से उबर रही है, जो मजबूत त्योहारी गतिविधि और ग्रामीण मांग में निरंतर वृद्धि से प्रेरित है।
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मौद्रिक, राजकोषीय और बाहरी सख्ती का सामना कर रही है। एजेंसी ने कहा कि हालांकि अब मौद्रिक स्थितियों में नरमी आने की उम्मीद है, लेकिन वित्तीय और सख्ती वित्त वर्ष 2026 में भी जारी रहने की उम्मीद है।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कोलकाता में कहा कि 'एक राष्ट्र एक चुनाव' का प्रस्ताव चुनाव प्रक्रिया को प्रोत्साहन देगा और देश के आर्थिक विकास में मददगार साबित होगा।
दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर नहीं है। एशियाई विकास बैंक (ADB ) ने प्राइवेट इन्वेस्टमेंट में गिरावट और घरों की मांग में कमी के चलते जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है।
सुब्रमण्यन ने कहा कि कोविड के दौरान भारत ने ऐसी आर्थिक नीति लागू करने का विकल्प चुना, जो बाकी दुनिया से अलग थी।
देश में छोटी जोत वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब वे बैंक से बिना किसी गारंटी के 2 लाख रुपये तक लोन ले पाएंगे। अभी यह सीमा 1.6 लाख रुपये है।
मंत्री समूह ने तंबाकू और इससे संबंधित उत्पादों और वातित पेय पदार्थों पर 35 प्रतिशत की विशेष दर प्रस्तावित करने पर सहमति व्यक्त की है।
नागेश्वरन ने कहा कि निवेश को सौर ऊर्जा संयंत्रों या पवन ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना पर केंद्रित नहीं होना चाहिए क्योंकि हमें सौर पैनल अपशिष्ट और पवन टरबाइन अपशिष्ट को पुनर्चक्रित करने की बढ़ती लागत को ध्यान में रखना होगा।
विनिर्माण और खनन क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन के अलावा कमजोर खपत की वजह से जुलाई-सितंबर तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर लगभग दो साल के निचले स्तर 5.4 प्रतिशत पर आ गई। एक साल पहले की समान अवधि में जीडीपी 8.1 प्रतिशत बढ़ी थी।
पिछले वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी 8.1 प्रतिशत रही थी। इतना ही नहीं, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश का जीडीपी 6.7 प्रतिशत रहा था।
सएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने चीन के लिए विकास दर को साल 2024 में 4.8 प्रतिशत पर बरकरार रखा, लेकिन अगले साल के पूर्वानुमान को पहले के 4.3 प्रतिशत से घटाकर 4.1 प्रतिशत और 2026 में 4.5 प्रतिशत के पिछले अनुमान से घटाकर 3.8 प्रतिशत कर दिया।
जापान के लिए एक और चिंता का विषय कमजोर होती मुद्रा है। हाल ही में अमेरिकी डॉलर लगभग 155 जापानी येन पर कारोबार कर रहा है, जो एक साल पहले 140-येन के स्तर से ऊपर है।
भारत के बारे में, मूडीज ने कहा कि घरेलू खपत में सुधार, मजबूत निवेश और मजबूत विनिर्माण गतिविधि के कारण 2024 की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद में साल-दर-साल 6.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
दुनिया की टॉप इकोनॉमीज की बात करें, तो पहला स्थान अमेरिका का है। अमेरिका की जीडीपी 28.78 ट्रिलियन डॉलर की है। दूसरा स्थान चीन का है, जिसकी जीडीपी 18.53 ट्रिलियन डॉलर की है। जर्मनी 4.59 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ तीसरे स्थान पर है।
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