नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर में बनाया जा रहा है।
सभी परिवहन निगमों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जैसे ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का परिचालन शुरू होगा, ये बस सेवाएं भी तुरंत शुरू कर दी जाएंगी। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र के लाखों लोगों को बेहतर, सीधी और भरोसेमंद कनेक्टिविटी का लाभ देगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर इंतजार अब खत्म होने की कगार पर है। जेवर में बन रहा यह एयरपोर्ट न सिर्फ उत्तर भारत का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने जा रहा है, बल्कि इसके शुभारंभ को पीएम नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक जनसभा से जोड़कर देखा जा रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 3300 एकड़ में फैला है। यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट भारत के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की घोषणा और निर्माण के चलते रियल एस्टेट मार्केट में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। बीते 5 साल में प्लॉट की कीमतें 6 गुना और फ्लैट की कीमतें 2.5 गुना बढ़ीं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण 1334 हेक्टेयर जमीन में फैला होगा और इसे 4 अलग-अलग चरणों में शुरू किया जाएगा।
अगर एयरपोर्ट से 20 किमी के दायरे में आपकी जमीन है और आप वहां घर-मकान बनाने जा रहे हैं तो आपको एएआई से एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) लेना अनिवार्य होगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा, ''रैपिडो के साथ हमारी पार्टनरशिप हमें ऐप-बेस्ड मॉबिलिटी ऑप्शन प्रदान करने में सक्षम बनाती है जो सभी के लिए सुविधाजनक और आसान हैं।''
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य नोएडा एक्सटेंशन और जेवर में बन रहे नए एयरपोर्ट तक निर्बाध संपर्क स्थापित करना है।
योगी आदित्यनाथ ने निर्माण कार्य में तेजी लाने और सभी विभागों के अधिकारियों की समीक्षा करने की जिम्मेदारी तय की थी। इस महीने के अंत तक एयरपोर्ट के निर्माण कार्य की समीक्षा करने के लिए राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह आ सकते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट के निर्माण कार्य को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों की मुआवजे को लेकर मनचाही मुराद पूरी कर दी। इसके बाद किसानों ने 'जय श्रीराम' के नारे लगाए और कहा कि वे लखनऊ से सीधे अयोध्या जाकर श्रीरामलला के दर्शन करेंगे।
नोएडा के इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी जेवर एयरपोर्ट से फ्लाइट्स कबसे शुरू होंगी, कितनी फ्लाइट्स उड़ानें भरेंगी। जानिए इस एयरपोर्ट के बारे में सारी खास बातें-
नोएडा के जेवर एयरपोर्ट पर आज पहली बार पहला विमान उतरा। इंडिगो की फ्लाइट पहली बार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरी। पहली फ्लाइट को वाटर कैनन से सलामी दी गई, देखें वीडियो-
जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फ्लाइट सेवा शुरू होने का इंतजार करने वालों के लिए अच्छी खबर है। आज यहां पहली फ्लाइट ट्रायल के तहत उतरेगी।
एयरपोर्ट के मुख्य सिस्टम्स के लिए फैक्ट्री एक्सेप्टेंस टेस्ट पूरे हो गए हैं, और साइट पर उपकरण आने लगे हैं। चेक-इन कियोस्क, सेल्फ सर्विस बैग ड्रॉप्स, और ई-गेट्स का परीक्षण चल रहा है।
अथॉरिटी से मिली जानकारी के मुताबिक, 30 वर्ग मीटर के प्लॉट की कीमत 8 लाख से 10 लाख रुपये तक होने की संभावना है। इसके अलावा 200 से 4,000 वर्ग मीटर के बीच के लगभग 500 बड़े प्लॉट भी बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।
सोमवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर से जारी बायान में कहा गया कि रिटेल और ड्यूटी फ्री आउटलेट्स चलाने का ठेका हिनेमैन एशिया प्रशांत और बीडब्यूसी फॉरवॉडर्स प्राइवेट लिमिटेड के कंसोर्टियम को दिया गया है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि आगरा के पास इस नए शहर के निर्माण से नोएडा और आगरा पर लोगों का दबाव कम पड़ेगा और उन्हें बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जा सकेंगी।
जेवर एयरपोर्ट इस वर्ष के अंत तक शुरू हो सकता है। जेवर एयरपोर्ट का निर्माण नोएडा में किया जा रहा है।
गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक रैपिड रेल कनेक्टिविटी के लिए सर्वे शुरू हो गया है। यह 72.2 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा, जिसमें 12 स्टेशन रहेंगे। पहला कॉरिडोर साल 2031 तक बनकर तैयार हो जाएगा।
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