पीएम मोदी यूपी के अयोध्या स्थित राम मंदिर पहुंचे और RSS चीफ मोहन भागवत के साथ मिलकर राम मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराया। इस दौरान उन्होंने रामलला के दर्शन किए और राम दरबार में पूजा अर्चना की।
पीएम नरेंद्र मोदी मंगलवार को अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे। इस कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत, सीएम योगी समेत 7 हजार से ज्यादा लोग मौजूद होंगे। कार्यक्रम को देखते हुए अयोध्या नगरी अभेद्य किले में बदल गई है।
अपने मणिपुर दौरे के दूसरे दिन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने सामाजिक एकता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परिवार के मुद्दों का समाधान परिवार के भीतर ही होना चाहिए।
RSS ने दुनिया का सबसे बड़ा गृह सम्पर्क अभियान शुरू किया है। इसके लिए संघ के 80 हजार कार्यकर्ता मैदान में हैं। लखनऊ में इस अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत तीन दिनों के मणिपुर प्रवास पर हैं। यहां एक सभा के दौरान उन्होंने कहा कि वह सरकार के मामलों में दखल नहीं देते हैं, लेकिन मणिपुर में सरकार अवश्य होनी चाहिए।
आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने कहा कि विविधता का सम्मान करने वाला समाज हिन्दू समाज ही है। जो लोग भारत से अलग हुए, उनकी विविधताएं समाप्त होती गईं, जैसे पाकिस्तान में पंजाबी और सिंधी समाज अब उर्दू अपनाने पर विवश हैं।
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र होने के लिए किसी आधिकारिक घोषणा की आवश्यकता नहीं है। साथ ही मोहन भागवत ने स्वतंत्रता संग्राम में आरएसएस स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला है।
जयपुर में एक कार्यक्रम में बोलते हुए मोहन भागवत ने कहा कि संघ को केवल दूर से देखकर नहीं समझा जा सकता है। इसके लिए प्रत्यक्ष अनुभव जरूरी है, जो संघ की गतिविधियों में भाग लेने से ही मिलता है।
RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत ने हिंदू समाज को चेताया है कि कुछ लोग ऐसे हैं जो भारत को बढ़ने नहीं देता चाहते हैं। तभी ये शक्तियां हिंदुओं को तोड़ने का प्रयास करती हैं।
आरएसएस के पंजीकरण को लेकर लगातार कांग्रेस के द्वारा सवाल उठाए जाते रह हैं। कांग्रेस के इस सवाल पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस की स्थापना 1925 में हुई थी तो क्या हम अंग्रेजों से इसका रजिस्ट्रेशन करवाने जाते?
कार्यक्रम में बोलते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत में रहने वाला कोई भी अहिंदू नहीं है। भारत के सभी मुसलमान और ईसाई एक ही पूर्वज के वशंज हैं।
संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 8 और 9 नवंबर को बेंगलुरु में ''संघ की 100 वर्ष यात्रा: नए क्षितिज'' व्याख्यान श्रृंखला को संबोधित करेंगे। इसके लिए दक्षिण भारत के लगभग 1,200 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया है।
संघ प्रमुख ने कहा कि भारत ने अपनी संस्कृति और आध्यात्मिकता की धरोहर को आज भी संजोकर रखा है और समय-समय पर दुनिया को सही मार्ग दिखाने का दायित्व निभाया है। दुनिया भारत से अपेक्षा करती है, क्योंकि भारत धर्म व संस्कृति के मार्ग पर चलता है।
नागपुर में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हमें अपने अतीत से लोगों ने समाज की भलाई के लिए निस्वार्थ भाव से कैसे संघर्ष किया? यह सीखने की जरूरत है।
PoK में लोकल मीडिया के लोगों ने जान पर खेलकर फौजी हैवानियत की तस्वीरें भेजी हैं। पाकिस्तान के मेनस्ट्रीम मीडिया से दिल दहलाने वाली ये तस्वीरें गायब हैं। PoK के लोग पूछ रहे हैं कि कहां हैं वो लोग जो मोमबत्तियां जलाते थे?
देशभर में धूमधाम से मनाई गई विजयादशमी, रावण-दहन में जगह-जगह बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग. जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में भी रावण-दहन. हज़ारों लोग हुए शामिल, शिमला में सीएम सुक्खू ने किया रावण-दहन.
उन्होंने कहा, "पड़ोस में अशांति कोई अच्छा संकेत नहीं है... श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल में जनाक्रोश के हिंसक विस्फोट के कारण सत्ता परिवर्तन हमारे लिए चिंता का विषय है।
महाराष्ट्र के नागपुर में RSS के 100 वर्ष पूरे होने पर शंकर महादेवन की आवाज में संघ प्रार्थना का नया ऑडियो-वीडियो लॉन्च किया गया है। यह प्रार्थना लंदन में रिकॉर्ड हुई है, जिसे संगीतकार राहुल रानाडे ने अपने सुरों में संजोया है। लॉन्चिंग समारोह में RSS प्रमुख मोहन भागवत समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि इंग्लैंड बंटने की स्थिति में आ रहा है, हम नहीं बटेंगे, हम आगे बढ़ेंगे और कभी बंट गए थे, वो भी फिर से मिला लेंगे।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ को स्वार्थ की सोच का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक समस्याओं का समाधान "हम-हमारा" की भावना से संभव है। भारत को आत्मज्ञान हो चुका है और उसका उद्देश्य केवल समृद्धि नहीं, बल्कि दुनिया को राहत देना है।
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