भारत के प्रधानमंत्री मोदी की रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ हाल ही में भारत यात्रा के दौरान ली गई तस्वीर को प्रस्तुत करते हुए, अमेरिकी प्रतिनिधि सिडनी कामलागर-डोव ने अमेरिकी राष्ट्रपति की नीतियों की खूब आलोचना की, जानें क्या क्या कहा?
सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप से अनुरोध किया है कि वे इस नीति पर पुनर्विचार करें और भारत के खिलाफ लगाए गए शुल्कों को वापस लें, ताकि दोनों देशों के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों को एक नई दिशा मिल सके। उनका कहना है कि यह कदम दोनों देशों के बीच पारस्परिक समझ और सहयोग को बढ़ावा देगा।
अमेरिकी कांग्रेस की कमेटी ने एक चिट्ठी को सार्वजनिक किया है, जो कथित रूप से डोनाल्ड ट्रंप ने जेफ्री एप्सटीन के लिए 2003 में लिखी थी। ट्रंप ने इस चिट्ठी और इसमें की गई साइन को फर्जी बताया है।
बिल को हस्ताक्षर के लिए डोनाल्ड ट्रम्प के पास भेजा गया है। न्यूयॉर्क के डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज ने बिल के खिलाफ रिकॉर्ड तोड़ भाषण के साथ आठ घंटे से अधिक समय तक सदन में बने रहकर मतदान में देरी की।
बलूचिस्तान के एक बड़े नेता ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर मुक्त बलूचिस्तान आंदोलन के लिए भारत का समर्थन मांगा है। साथ ही पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि रद्द करने के लिए पीएम मोदी की सराहना की है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपने 43 दिनों के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। ट्रंप का विरोध करते हुए विपक्षी सांसदों ने कई मुद्दों पर जोरदार हंगामा मचा दिया। फिर सांसद को सदन के बाहर निकालाना पड़ा।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत समेत अन्य देशों के खिलाफ बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। ट्रंप ने 2 अप्रैल के रूप में इस कदम के लिए तारीख का भी ऐलान कर दिया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने US कांग्रेस को संबोधित किया है। उन्होंने कहा है कि 'अमेरिका इज बैक।' ट्रंप ने आगे ये भी कहा कि अमेरिका का गर्व और आत्मविश्वास वापस आ गया है।
भारतीय-अमेरिकी एक सांसद ने उद्योगपति गौतम अदाणी के खिलाफ बाइडेन प्रशासन के जांच के फैसले को चुनौती दे डाली है। साथ ही इसे भारत के साथ रिश्तों को खराब करने वाला कदम बताया है।
रिकॉर्ड तीसरी बार भारत का प्रधानमंत्री बनने पर अमेरिकी कांग्रेस के एक प्रतिनिधि मंडल ने नई दिल्ली में पीएम मोदी से मिलकर उन्हें बधाई दी है। साथ ही इस दल ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत में संपन्न हुए निष्पक्ष चुनावों की सराहना भी की। प्रतिनिधिमंडल ने भारत-अमेरिका के संबंधों को मजबूती देने पर चर्चा की।
अमेरिका भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत करना चाहता है। बता दें कि अमेरिका पहले से ही भारत का रणनीतिक साझीदार है। मोदी के रिकॉर्ड तीसरी बार पीएम बनने के बाद भारत और अमेरिका के रिश्तों में और अधिक मजबूती आने की उम्मीद की जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भारत के साथ 3.99 अरब अमेरिकी डॉलर की अनुमानित लागत पर 31 एमक्यू-9बी सशस्त्र ड्रोन की बिक्री को मंजूरी दे दी है। इससे भारतीय सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। इस सौदे के बाद पाकिस्तान और चीन जैसे दुश्मन और अधिक खौफ खाएंगे।
भारतीय अमेरिकी संसद ने दो भारतीय आध्यात्मिक गुरुओं श्रीश्री रविशंकर और आचार्य लोकेश मुनि को मान्यता दी है। साथ ही वैश्विक शांति में दिए गए अप्रतिम योगदान के लिए सराहना की है। इस बारे में राजा कृष्णमूर्ति ने दोनों आध्यात्मिक गुरुओं के वैश्विक शांति और अध्यात्म के लिए किए गए उत्कृष्ट कार्योंं को रेखांकित किया।
व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका राजनयिकों की रक्षा और सुरक्षा को बहुत गंभीरता से लेता है। सांसद माइक लॉलर ने कहा कि भारतीय वाणिज्य दूतावास में आगजनी का प्रयास परेशान करने वाला है। भारतीय-अमेरिकी सांसद श्री थानेदार ने घटना की निंदा करते हुए कहा, ‘‘हिंसा और आतंक अस्वीकार्य है।
पीएम मोदी अमेरिका की राजकीय यात्रा पर जाने वाले तीसरे भारतीय नेता हैं। पीएम मोदी के पहले मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन अमेरिका की राजकीय यात्रा पर गए थे। हालांकि, अभी तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने दो बार अमेरिकी संसद को संबोधित नहीं किया था।
अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पूरी दुनिया को भारत की ताकत का एहसास कराया। उन्होंने बताया कि किस तरह से भारत हर क्षेत्र में नई बुलंदियों को छू रहा है। साथ ही उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध पर खुलकर बोला और कहा कि ये खूनखराबा रोकना होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी संसद को दूसरी बार संबोधित करने वाले देश के पहले और दुनिया के तीसरे नेता बन गए हैं। प्रधानमंत्री ने अमेरिकी सदन को करीब 1 घंटे तक संबोधित किया। उनके पूरे भाषण के दौरान अमेरिकी सांसद तालियां बजाते रहे। पीएम मोदी ने पूरी दुनिया को नए भारत की ताकत बताई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर हैं। गुरुवार को व्हाइट हाउस में उनका जोरदार स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने आज अमेरिकी संसद में भी एक जोरदार भाषण दिया।
अमेरिकी संसद भवन परिसर में सीधे प्रसारण वाले अपने संबोधन में जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका को रूसी सांसदों पर अवश्य ही प्रतिबंध लगा देना चाहिए और रूस से आयात रोक देना चाहिए। साथ ही, उन्होंने अपने देश में युद्ध से हुई तबाही और विनाश का एक मार्मिक वीडियो सांसदों से खचाखच भरे एक सभागार में दिखाया।
हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी और सीनेट के बहुमत के नेता चक शूमर ने एक बयान में कहा, "कांग्रेस, हमारा देश और दुनिया यूक्रेन के लोगों का सम्मान करती है।’’
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़