सावन का पवित्र महीना 11 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस अवसर पर गंगा घाटों से कांवड़ यात्रा का सिलसिला शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में संभल जिले में प्रशासन द्वारा कांवड़ यात्रा मार्गों पर व्यापक तैयारियां की गई हैं। सड़कों की मरम्मत, लाइट की व्यवस्था, पेयजल, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षाबलों की तैनाती जैसी तमाम व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। इस बार का आकर्षण केंद्र खग्गू सराय क्षेत्र में स्थित प्राचीन कार्तिकेय महादेव मंदिर है, जहां 46 साल बाद सावन में पहली बार कांवड़िए शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर के आसपास आरआरएफ के जवान तैनात किए गए हैं और सीसीटीवी कैमरों से मंदिर की निगरानी की जा रही है।
प्रशासन को उम्मीद है कि हजारों श्रद्धालु सावन भर मंदिर में दर्शन व जलाभिषेक करने के लिए पहुंचेंगे। गौरतलब है कि पिछले वर्ष एक चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस को इस मंदिर का पता चला, जिसके बाद इसे पुनः खोला गया था। यह घटना स्थानीय स्तर पर काफी चर्चाओं में रही। इसके बाद जिले में अन्य प्राचीन मंदिरों और कुओं की खोज भी शुरू हुई, जिसमें कई ऐतिहासिक स्थल सामने आए। इसी मंदिर से जुड़ी एक और रोचक घटना यह रही कि एक यात्रा के दौरान सीओ अनुज चौधरी स्वयं हनुमान जी की गदा लेकर निकले थे, जिससे यह स्थल और अधिक चर्चा में आ गया था। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें और शांति व्यवस्था बनाए रखें। दिन-रात तैनात सुरक्षा बल और तकनीकी निगरानी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं।
वैदिक पंचांग के मुताबिक, आषाढ़ पूर्णिमा 10 जुलाई को मनाई जाएगी। इसके अगले दिन यानी 11 जुलाई से सावन के महीने की शुरुआत होगी। आषाढ़ पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 11 जुलाई को देर रात 2 बजकर 6 मिनट पर होगी। वहीं, तिथि का समापन 12 जुलाई को देर रात 2 बजकर 8 मिनट पर होगा। ऐसे में 11 जुलाई से सावन महीने की शुरुआत हो रही है। वहीं 9 अगस्त को सावन का महीना खत्म होगा। बता दें कि इस दौरान सावन महीने में 4 सोमवार पड़ेंगे। इस दौरान मंदिर व अन्य तीर्थस्थलों पर भारी भीड़ देखने को मिलेगी।
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