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मार्क जुकरबर्ग बन फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट, कानपुर की रिटायर्ड शिक्षिका से की 1.57 करोड़ की ठगी

 Edited By: Amar Deep @amardeepmau
 Published : Mar 17, 2026 02:46 pm IST,  Updated : Mar 17, 2026 02:46 pm IST

कानपुर में एक महिला टीचर से ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को मार्क जुकरबर्ग बताया और निवेश का ऑफर दिया। फिलहाल मामला दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।

रिटायर्ड शिक्षिका से ठगी।- India TV Hindi
रिटायर्ड शिक्षिका से ठगी। Image Source : REPORTER INPUT

कानपुर: जैसे जैसे युग डिजिटल हो रहा है वैसे वैसे अपराध और अपराध के तरीकों में भी डिजिटलाइजेशन हो रहा है। ऐसे में इस बार ठगी के नए फार्मूले ने एक शिक्षिका की जीवनभर की कमाई पर डाका डाल दिया। कानपुर के चकेरी इलाके में रहने वाली रिटायर्ड शिक्षिका एलिसन वीम्स के साथ साइबर अपराधियों ने बेहद चालाकी से ठगी की है। पिछले करीब 13 महीनों में ठगों ने उन्हें कुल 1 करोड़ 57 लाख 38 हजार 630 रुपये की राशि ठग ली। यह पूरी घटना सोशल मीडिया के जरिए शुरू हुई और धीरे-धीरे इतनी गहरी साजिश में बदल गई कि पीड़िता ने अपनी सारी जमा-पूंजी, प्रोविडेंट फंड और जीवन भर की बचत गंवा दी।

मार्क जुकरबर्ग बनकर भेजी रिक्वेस्ट

मामले की शुरुआत फेसबुक पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट से हुई। एक व्यक्ति ने खुद को मार्क जुकरबर्ग बताया और शिक्षिका से दोस्ती की। शुरुआती बातचीत सामान्य रही, लेकिन जल्द ही ठग ने निवेश के बड़े-बड़े प्रस्ताव रखने शुरू कर दिए। उन्होंने कहा कि वे कानपुर में एक बड़ा स्कूल खोलने की योजना बना रहे हैं और इसमें निवेश करने पर बहुत अधिक मुनाफा मिलेगा। बात को और विश्वसनीय बनाने के लिए बाद में एक अन्य व्यक्ति ने संपर्क किया, जिसने खुद को एलन मस्क का सहयोगी या गायक जॉश टर्नर बताया।

शिक्षिका ने कई बार भेजे रुपये

शिक्षिका को लगा कि यह कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट है। उन्होंने पहले कुछ रकम ट्रांसफर की। जब उन्हें शक हुआ और पैसे वापस मांगने लगीं, तो ठगों ने नया जाल फैलाया। उन्होंने खुद को 'मिरेकल गिवर्स' और 'लीड इंडिया' जैसे फर्जी संगठनों के वकील अशोक सुरेश के रूप में पेश किया। दावा किया गया कि पैसे वापस दिलाने के लिए टैक्स, कन्वर्जन चार्ज, स्टांप ड्यूटी और अन्य कानूनी फीस जमा करनी होगी। आरोप है कि इस बहाने उन्होंने पीड़िता से बार-बार अलग-अलग बैंक खातों में पैसे मंगवाए। कुल पांच अलग-अलग खातों में यह राशि भेजी गई।

साइबर क्राइम ने दर्ज किया मामला

जब शिक्षिका पूरी तरह लुट चुकी थीं, तब उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम सेल ने एनसीआरपी के माध्यम से मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। अब तक फ्रॉड से जुड़े खातों से लगभग 30 लाख 42 हजार रुपये फ्रीज कर दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह ठगी बहुत सुनियोजित थी। अपराधियों ने व्हाट्सएप, फोन कॉल्स और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर पीड़िता का भावनात्मक और आर्थिक शोषण किया।

अधिकारियों ने किया सतर्क

इस घटना के बाद एक बार फिर से डीसीपी साइबर क्राइम ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को निवेश, पैसे वापसी या किसी भी तरह के चार्ज के नाम पर पैसे न भेजें, खासकर जब वे मार्क जुकरबर्ग, एलन मस्क जैसे बड़े नामों का इस्तेमाल कर रहे हों। किसी भी संदिग्ध मैसेज या कॉल पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें। विशेषज्ञों का मानना है कि फर्जी प्रोफाइल्स को रिपोर्ट करना, केवल वेरिफाइड अकाउंट्स से बात करना और किसी भी लालच में आने से पहले दो बार सोचना जरूरी है। इस तरह की ठगी से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे मजबूत हथियार है। (इनपुट- अनुराग श्रीवास्तव)

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