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बंगाल में SIR से पहले वोटर्स की शंकाओं को दूर करने के लिए चुनाव आयोग ने शुरू की हेल्पलाइन

 Published : Oct 30, 2025 12:07 pm IST,  Updated : Oct 30, 2025 12:07 pm IST

चुनाव आयोग ने कहा कि SIR निर्वाचन आयोग की निगरानी में एक नियमित प्रक्रिया है। बिहार सहित अन्य राज्यों में भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई गई है और किसी भी वैध मतदाता का नाम नहीं छूटेगा।

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पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग का कार्यालय Image Source : PTI

कोलकाता: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेसिव रिवीजन) के संबंध में पारदर्शिता बनाए रखने और लोगों की शंकाओं को दूर करने के लिए मतदाता हेल्पलाइन नंबर ‘1950’ शुरू किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नागरिकों को सूचित किया गया है कि वे अब वोटर लिस्ट से संबंधित प्रश्न पूछने और शिकायतें दर्ज कराने के लिए विभिन्न राज्य और जिला स्तरीय सेवाओं के साथ-साथ इस हेल्पलाइन नंबर का भी उपयोग कर सकते हैं।

क्या है हेल्पलाइन नंबर?

अधिकारी ने कहा, ‘‘स्पेशल इंटेसिव रिवीजन निर्वाचन आयोग की निगरानी में एक नियमित प्रक्रिया है। बिहार सहित अन्य राज्यों में भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई गई है और किसी भी वैध मतदाता का नाम नहीं छूटेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय संपर्क केंद्र अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक केंद्रीय हेल्पलाइन के रूप में कार्य करता है और टोल-फ्री नंबर 1800-11-1950 पर प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात आठ बजे तक इससे संपर्क किया जा सकता है।’’

निर्वाचन आयोग ने वोटर्स से क्या आग्रह किया?

उन्होंने कहा कि चुनावी मामलों में नागरिकों की सहायता के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध हैं। निर्वाचन आयोग ने सभी पात्र मतदाताओं से सूचना प्राप्त करने, राय देने या किसी भी तरह की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर और अन्य सेवाओं का उपयोग करने का आग्रह किया है, जो पारदर्शी और समावेशी चुनावी प्रक्रिया के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। अधिकारी ने बताया कि इसके अतिरिक्त, प्रत्येक राज्य और जिले को स्थानीय भाषाओं में त्वरित और प्रभावी सहायता प्रदान करने के लिए अपने स्वयं के संपर्क केंद्र भी स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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