Asansol Dakshin Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिए सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुट चुके हैं। माना जा रहा है कि राज्य में अप्रैल महीने में वोटिंग कराई जा सकती है। ऐसे समय में सभी की नजरें राज्य की प्रमुख विधानसभा सीटों पर है। पश्चिम बंगाल की सत्ता को देखते हुए आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट काफी अहम मानी जाती है। आसनसोल दक्षिण निश्चित रूप से पश्चिम बंगाल के सबसे हाई-वोल्टेज चुनावी मुकाबलों में से एक होगा। ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या है इस सीट का सियासी समीकरण।
आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले में आती है। यह एक पूरी तरह से शहरी, जनरल कैटेगरी का असेंबली इलाका है। साल 2008 में परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद इस विधानसभा क्षेत्र का गठन हुआ। यह क्षेत्र आसनसोल नगर निगम के 22 वार्डों और रानीगंज सामुदायिक विकास खंड की पांच ग्राम पंचायतों से मिलकर बना है। यहां केवल 5.55% ही ग्रामीण वोटर्स हैं, इसलिए यह पूरी तरह शहरी क्षेत्र माना जाता है। आसनसोल, कोलकाता से लगभग 210 किमी दूर स्थित है।
अब तक इस सीट पर तीन विधानसभा चुनाव हुए हैं। आसनसोल दक्षिण चुनाव क्षेत्र बनने के बाद 2011 और 2016 में तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की। तपस बनर्जी ने लगातार दो बार सीपीएम उम्मीदवारों को हराया था। हालांकि, 2021 में तृणमूल कांग्रेस ने आसनसोल दक्षिण से फिल्म अभिनेत्री सयानी घोष को मैदान में उतारा था। लेकिन भाजपा की उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने 4,487 वोटों से जीत दर्ज कर ली।
साल 2021 के विधानसभा चुनावों में इस सीट से बीजेपी की अग्निमित्रा पॉल जीती थी। अग्निमित्रा पॉल ने तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार सयानी घोष को 4487 वोटों से हराया था। अग्निमित्रा पॉल को 87881 वोट मिले जबकि सयानी घोष को 83,394 वोट मिले थे।
2016 में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान आसनसोल उत्तर सीट पर तपस बनर्जी की जीत हुई थी। तपस बनर्जी ने सीपीआई (M) के हेमंत प्रभाकर को 14,283 वोटों से हरा दिया था। तपस बनर्जी को 71,515 वोट मिले थे तो हेमंत प्रभाकर को 57,232 वोट प्राप्त हुए थे। वहीं, बीजेपी के दीप्तांशु चौधरी तीसरे स्थान पर रहे थे, उन्हें 49,199 वोट मिले थे।
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