Barabani Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिए सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुट चुके हैं। माना जा रहा है कि राज्य में अप्रैल महीने में वोटिंग कराई जा सकती है। ऐसे समय में सभी की नजरें राज्य की प्रमुख विधानसभा सीटों पर है। पश्चिम बंगाल की सत्ता को देखते हुए बाराबनी विधानसभा सीट काफी अहम मानी जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या है इस सीट का सियासी समीकरण।
बाराबनी विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले में आती है। यह जनरल कैटेगरी की सीट है। यह आसनसोल लोकसभा सीट के सात हिस्सों में से एक है। बराबनी सीट 1962 में बनी थी और अब तक 16 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, जिसमें 1989 का उपचुनाव भी शामिल है। यहां CPI(M) ने 7 बार जीत हासिल की है। वहीं अविभाजित CPI ने 1962 में पहली जीत हासिल की थी। कांग्रेस और TMC दोनों ने चार-चार जीत हासिल की हैं। यहां आपको बता दें कि कांग्रेस ने यह सीट लगातार दो बार नहीं जीती, जिससे अक्सर लेफ्ट की जीत का सिलसिला टूट जाता था।
TMC के लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीतने के बावजूद, बाराबनी शायद सुरक्षित नहीं है। बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के वोटर बीजेपी की तरफ झुके हैं। इस बार के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच दिलचस्प मुकाबला होने की उम्मीद है।
साल 2021 के विधानसभा चुनावों में इस सीट से तृणमूल कांग्रेस के बिधान उपाध्याय ने जीत हासिल की। बिधान उपाध्याय ने बीजेपी के उम्मीदवार अरिजीत रॉय को 23457 वोटों से हराया था। बिधान उपाध्याय को 88,430 वोट मिले जबकि अरिजीत रॉय को 64,973 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर कांग्रेस के रणेंद्र नाथ बागची रहे थे, जिन्हें 8,962 वोट मिले थे।
2016 में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान बाराबनी सीट पर तृणमूल कांग्रेस के बिधान उपाध्याय की जीत हुई थी। तब बिधान उपाध्याय ने CPI(M) की शिप्रा मुखर्जी को 24049 वोटों से हरा दिया था। बिधान उपाध्याय को 77,464 वोट मिले थे तो शिप्रा मुखर्जी को 53,415 वोट प्राप्त हुए थे। वहीं, बीजेपी के अमल रॉय तीसरे स्थान पर रहे थे, उन्हें 25,224 वोट मिले थे।
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