बीजिंग: चीन में एक भारतीय सहित 20 पर्यटकों को कथित तौर पर आतंकवादी संपर्क के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद दो दिनों से नजरबंद रखा गया है। दक्षिण अफ्रीका के एक चैरिटी संस्था ने यह जानकारी दी। संस्था 'गिफ्ट ऑफ द गिवर्स फाउंडेशन' ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा कि समूह प्राचीन चीन पर शोध के तहत 47 दिनों के भ्रमण पर था। इस समूह में दक्षिण अफ्रीका के 10, ब्रिटेन के नौ तथा एक भारतीय नागरिक शामिल है।
फेसबुक पोस्ट में समूह में शामिल भारतीय व अन्य सदस्यों की पहचान नहीं बताई गई है।
उसने कहा कि यह यात्रा तब उनके लिए एक बुरे सपने में तब्दील हो गई, जब 10 जुलाई को उन्हें इडरेस हवाईअड्डे पर स्थानीय समयानुसार सुबह 9.40 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।
चैरिटी ने कहा कि गिरफ्तारी की कोई वजह नहीं बताई गई है।
उसने कहा, "उनके मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है। न तो दूतावास से कोई संपर्क किया गया है और न ही उनके परिजनों से। उन्हें बिना किसी आरोप के गिरफ्तार किया गया है। न तो उन्हें किसी से संपर्क करने दिया जा रहा है और न ही कानूनी मदद लेने दिया जा रहा।"
फेसबुक पोस्ट के मुताबिक, "घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद रविवार को यात्रा संचालक को कुछ गड़बड़ होने की आशंका हुई, जिसके बाद वह इडरेस पहुंचा, जहां उसे सभी को हिरासत में लेने की बात पता चली।"
हिरासत में लेने का कारण ढूंढ रहे चीनियों ने कहा है कि कुछ सदस्यों का संबंध आतंकवादी समूह से है, जबकि कुछ का एक प्रतिबंधित संगठन से और वे अपने होटल के कमरे में आतंकवादी विचारधारा के प्रचार से संबंधित वीडियो देख रहे थे।
दक्षिण अफ्रीकी दूतावास तथा ब्रिटिश दूतावास के एक संयुक्त दल ने इस मामले में चीन के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की है।
चीनी 20 में से नौ को छोड़ने पर सहमत हो गए हैं, लेकिन वे बिना किसी आरोप के तबतक हिरासत में रहेंगे, जब तक उन्हें चीन से बाहर भेजने के लिए विमान का इंतजाम नहीं हो जाता।
चैरिटी ने कहा, "अन्य नौ के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन उनपर आतंकवादी विचारधारा के प्रचार वाला वीडियो देखने का आरोपी बनाया गया है। इनमें ब्रिटेन के तीन, दक्षिण अफ्रीका के पांच तथा भारत का एक नागरिक शामिल है।"
लंदन में ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने संवाददाताओं से कहा कि उत्तरी चीन में ब्रिटेन के नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।
समाचार पत्र द गार्जियन ने कहा है कि यह स्पष्ट है कि यात्रियों को क्यों गिरफ्तार किया गया है, क्योंकि राजनयिकों ने चीनी अधिकारियों से इस मामले की ज्यादा सूचनाओं की मांग की है।
वेबसाट आईओएल डॉट को डॉट जेडए के मुताबिक, साउथ अफ्रीका डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस एंड कोऑपरेशन (डाआईआरसीओ) ने इस बात की पुष्टि की है कि चीन में दक्षिण अफ्रीकी नागरिकों के एक समूह को गिरफ्तार किया गया है।
वेबसाइट ने डीआईआरसीओ के प्रवक्ता नेल्सन ग्वेटे के हवाले से कहा, "दक्षिण अफ्रीकी सरकार को गिरफ्तारी के बारे में रविवार को सूचना मिली, जिसके बाद बीजिंग स्थित दक्षिण अफ्रीका के दूतावास को।"