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चीनी मीडिया ने मोदी, चीन-भारत संबंध को सराहा

 Written By: IANS
 Published : May 15, 2015 06:43 am IST,  Updated : May 15, 2015 07:38 am IST

बीजिंग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय चीन यात्रा के पहले दिन चीनी मीडिया ने भारत और चीन के संबंधों को लेकर जमकर कसीदे गढ़े। मोदी ने यात्रा की शुरुआत राष्ट्रपति शी जिनपिंग के गृहनगर

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चीनी मीडिया ने मोदी, चीन-भारत संबंध को सराहा

बीजिंग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय चीन यात्रा के पहले दिन चीनी मीडिया ने भारत और चीन के संबंधों को लेकर जमकर कसीदे गढ़े। मोदी ने यात्रा की शुरुआत राष्ट्रपति शी जिनपिंग के गृहनगर शियान से की। सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने एक लेख में कहा कि जिस प्रकार नरेंद्र मोदी का चीन दौरा शियान से शुरू हुआ, वैसे ही चीनी राष्ट्रपति ने भारत दौरे के लिए नई दिल्ली न चुनकर दौरे की शुरुआत अहमदाबाद से की थी।

लेख में कहा गया है कि दोनों शहर दोनों नेताओं के गृहनगर हैं।

एजेंसी के मुताबिक, "इन जगहों का चयन कर दोनों नेताओं ने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने के लिए न सिर्फ आपसी संबंधों का इस्तेमाल किया है, बल्कि संबंधों को आगे बढ़ाने के प्रति साझा इच्छा भी जताई है।"

यह भी कहा गया है कि चीन दौरे से पहले मोदी ने चीन की माइक्रोब्लॉगिंग साइट साइना वीवो पर अपना एक आधिकारिक अकाउंट भी बनाया, जिसकी चीन के ब्लॉगरों ने बेहद प्रशंसा की।

लेख के मुताबिक, "मोदी के पहले ट्वीट के बाद उनके अकाउंट के 20 हजार फॉलोअर हो गए।"

लेख के मुताबिक, दो प्राचीन संस्कृतियों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान के बावजूद चीन-भारत संबंध प्रतिस्पर्धा के कारण काफी लंबे वक्त तक जटिल रहा, लेकिन अब दोनों एक दूसरे के प्रति सहयोगी की भूमिका निभा रहे हैं।

लेख में कहा गया, "हाल के वर्षो में आर्थिक एकीकरण तथा दोनों देशों के लोगों के बीच बढ़ते संपर्क से दोनों एशियाई अर्थव्यवस्था एक नए चरण में प्रवेश कर गए हैं और चीन भारत संबंध सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय रिश्तों में से एक हो सकता है।"

उसके मुताबिक, "यह बात स्पष्ट है कि यदि चीनी ड्रैगन तथा भारतीय हाथी का सौहार्दपूर्वक सह अस्तित्व हो और शांति व सहकारी विकास का एहसास करें, तो यह न सिर्फ दोनों देशों की 2.5 अरब आबादी के लिए लाभप्रद होगा, बल्कि उनकी सीमा पार के लोगों के लिए भी। लेकिन अगर दोनों एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी होते हैं, तो दोनों का विकास दर धीमा हो सकता है।"

वहीं ग्लोबल टाइम्स ने एक लेख में कहा है कि चीन और भारत की व्यापारिक संरचनाओं में कुछ असतत कारक हैं, जैसे कपड़ा उद्योग की बात करें, तो दोनों देश शीर्ष दो वैश्विक निर्यातकों की भूमिका में हैं।

एक अन्य महत्वपूर्ण समाचार पत्र के मुताबिक, अब चीन-भारत संबंधों को और गहरा करने का अब वक्त आ गया है।

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