काठमांडू: नेपाल में भूकंप राहत कार्य में लगे भारत और 33 अन्य देशों के बचाव दलों को नेपाल सरकार ने वापस लौटने को कहा है। ये दल पिछले नौ दिनों से राहत कार्य में लगे हुए हैं। भूकंप में कम से कम 7,300 लोगों की जाने गई हैं।
जापान, टर्की, उक्रेन, ब्रिटेन और नीदरलैंड के दलों ने वापसी की तैयारी शुरु कर दी है।
विदेश मंत्रलाय के अनुसार इन दलों से वापस लौटने के लिए इसलिए कहा गया है ताकि अब बचाव की बजाय राहत कार्य पर ध्यान दिया जा सके।
इस बीच नेपाल और भारत ने इन अटकलों का खंडन किया कि नेपाल भारत के बचाव कार्य से नाखुश और नाराज़ है।
भारत में नेपाल के विशेष दूत दीप उपाध्याय ने कहा "नेपाल भारत से क़तई भी नाराज़ नही है।"
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि नेपाल को अब मलबा हटाने के लिए उपकरणों की ज़रुरत है और उसने मदद मांगी है। सेना के इंजीनियरों का एक दल नेपाल रवाना होगा।
नेपाल में 25 अप्रेल को भूकंप के बाद से 16 भारतीय दल राहत-बचाव कार्य में लगे हैं। प्रत्येक दल में 50 सदस्य हैं। दूसरा सबसे बड़ा बचाव दल चीन ने भेजा है जिसमें 400 सदस्य हैं।