चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से जुड़ी हुई एक बुरी खबर सामने आई है। कथित तौर पर शी जिनपिंग के करीबी और चीन की वायुसेना के पूर्व जनरल शू किइलियांग का निधन हो गया है। चीन के रक्षा मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, शू किइलियांग 75 साल के थे और उनका निधन बीजिंग में हुआ है। आइए जानते हैं कि शू किइलियांग कितने प्रभावशाली थे और उन्हें शी जिनपिंग का इतना करीबी क्यों माना जाता था।
जानकारी के मुताबिक, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पहले कार्यकाल के दौरान शू किइलियांग चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी की सैन्य शाखा, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी PLS की देखरेख करने वाली संस्था के उपायुक्त के पद पर तैनात थे। बता दें कि ये वही दौर था जब राष्ट्रपति शी जिनपिंग थल सेना और नौसेना को देश का नेतृत्व करने वाले निकायों में शामिल करने पर काम कर रहे थे।
चीन के रक्षा मंत्रालय ने देश की वायुसेना के पूर्व जनरल शू किइलियांग की काफी तारीफ की है। रक्षा मंत्रालय ने उनके निधन पर बयान जारी करते हुए कहा है- "शू किइलियांग चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के एक सदस्य, वफादार कम्युनिस्ट सैनिक, सैन्य रणनीतिकार और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के एक उत्कृष्ट नेता थे।"
जानकारी के मुताबिक, शू किइलियांग ने चीन में उच्च पद पर पहुंचने के बाद केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में अपना काफी प्रभाव स्थापित कर लिया था। शू किइलियांग चीन की एंटी करप्शन यूनिट्स की नजरों से भी बच गए। बता दें कि चीन की एंटी करप्शन यूनिट्स ने हाल के दिनों में कई हाई लेवल सेवारत और रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। एंटी करप्शन यूनिट्स की कड़ी कार्रवाई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिन लोगों की गिरफ्तारियां की गई हैं उनमें चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्री भी शामिल हैं। (इनपुट: भाषा)
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