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इजरायली मीडिया ने PM मोदी की यात्रा को दिया 'स्ट्रैटेजिक रीसेट' और 'लैंडमार्क मोमेंट' का नाम, दुश्मनों में कोहराम

 Published : Feb 25, 2026 02:58 pm IST,  Updated : Feb 25, 2026 03:00 pm IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है। इजरायल का मीडिया भी पीएम मोदी की यात्रा को दोनों देशों के बीच स्ट्रैटेजिक रीसेट और लैंडमार्क मोमेंट के तौर पर देख रहा है।

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (बाएं) और पीएम मोदी (दाएं)- India TV Hindi
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (बाएं) और पीएम मोदी (दाएं) Image Source : AP

येरूशलम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से इजरायल की 2 दिवसीय यात्रा पर हैं। उनकी इस यात्रा को ऐतिहासिक माना जा रहा है। 2017 के बाद पीएम मोदी अपने कार्यकाल में दूसरी बार इजरायल यात्रा पर हैं। इजराइली मीडिया ने उनकी इस यात्रा को "स्ट्रैटेजिक रीसेट" और "लैंडमार्क मोमेंट" करार दिया है। प्रमुख इजरायली प्रकाशनों ने मोदी की यात्रा को प्रमुखता से कवर किया है, इसे देश के लिए महत्वपूर्ण समय पर एक मित्र की महत्वपूर्ण यात्रा के रूप में चित्रित किया है। येरूशलम में सरकारी अधिकारियों से लेकर आम नागरिकों तक में उत्साह साफ दिख रहा है। 

इजरायल में जगह-जगह नमस्ते का बोर्ड

पीएम मोदी की यात्रा को लेकर इजरायल जबरदस्त उत्साह में है। इसका अंदाजा आप इस बात से भी लगा सकते हैं कि सड़कों पर चलने वाले हर भारतीय का हर कुछ गज में "नमस्ते" से स्वागत किया जा रहा है।  इजरायली संसद नेसेट जाने वाली सड़कों पर भारतीय और इजरायली झंडे लहरा रहे हैं। इजरायल के संसद भवन को भारतीय तिरंगे के रंगों में रोशन किया गया है। तैयारी में लगे लोग हर भारतीय से गर्मजोशी से मिल रहे हैं और पूछ रहे हैं कि "सब कुछ अच्छा लग रहा है, और सब ठीक से हुआ है।" विपक्ष ने भी खुद को भारत-विरोधी या मोदी-विरोधी दिखने से दूर रखा है और भारत को "महत्वपूर्ण सहयोगी" बताया है, जिसकी वे "कद्र करते हैं।

इजरायली अखबार ने क्या लिखा?

इजरायल के प्रमुख अंग्रेजी दैनिक The Jerusalem Post ने  पीएम मोदी की यात्रा को "स्ट्रैटेजिक रीसेट" लिखा है, जो संबंधों में "नई फेज" का प्रतीक है। वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत को "सेंट्रल पिलर" बताते हुए ग्रीस, साइप्रस, चुनिंदा अरब देशों और अन्य के साथ "हेक्सागन ऑफ एलायंसेज"को और मजबूत कर रहे हैं। कई प्रकाशनों ने मोदी के नेसेट (Knesset) को संबोधित करने को "ऐतिहासिक" बताया। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा पहली बार नेसेट को संबोधन होगा। 

रक्षा, सुरक्षा में मजबूत साथी बनेंगे भारत-इजरायल

मीडिया ने उल्लेख किया कि दोनों देशों में पहले से "मजबूत संबंध" AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा में उच्च-स्तरीय सहयोग से "और ठोस" हो जाएंगे। साथ ही रक्षा संबंधों में संयुक्त उत्पादन की ओर बदलाव आएगा। नेतन्याहू और मोदी के बीच "व्यक्तिगत केमिस्ट्री" पर भी जोर दिया गया। प्रमुख प्रकाशनों ने 2017 यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच नंगे पैर समुद्र तट पर चलते फोटो प्रकाशित किए, जो सोशल मीडिया पर "ब्रोमांस" के रूप में वायरल हुए थे। नेतन्याहू के आधिकारिक X हैंडल ने "A Look Back" वीडियो पोस्ट किया, कैप्शन के साथ: "ऐतिहासिक यात्राओं से दोस्ती के यादगार पलों तक", "उल्लेखनीय साझेदारी" का निर्माण। 

नेतन्याहू ने पीएम मोदी के साथ व्यक्तिगत संबंधों को बताया मजबूत

नेतन्याहू ने हाल के दिनों में मोदी के साथ "व्यक्तिगत संबंधों" का जिक्र किया और भारत को "विशाल" व "वैश्विक" शक्ति बताया। मीडिया में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर चल रही बातचीत और इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) प्रोजेक्ट पर भी प्रकाश डाला गया। कुछ प्रकाशनों ने घरेलू राजनीतिक घर्षण का जिक्र किया, लेकिन कहा कि सरकार और विपक्ष दोनों भारत के प्रति "एकजुट" हैं। स्रोतों ने पीटीआई को बताया कि मोदी की यात्रा के दौरान भारत-इज़रायल संबंधों को "स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप" स्तर पर अपग्रेड किया जाएगा। यह अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों के साथ इज़रायल के संबंधों जैसी "महत्वपूर्ण छलांग" है।  यह अपग्रेड "उन्नत रक्षा प्रणालियों के संयुक्त विकास" और "आपातकाल में एक-दूसरे के साथ खड़े रहने" की समझ की ओर ले जाएगा। 

दोनों देश वर्षों से विश्वसनीय साझेदार

दोनों देश वर्षों से विश्वसनीय साझेदार रहे हैं, और यह संकट के समय साबित हुआ है। अब इसे मोदी की यात्रा से और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है। पीएम मोदी बुधवार दोपहर 12:45 बजे (स्थानीय समय) इजरायल पहुंचेंगे और एयरपोर्ट पर उनका पीएम नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा द्वारा स्वागत किया जाएगा। दोनों नेता संक्षिप्त वन-ऑन-वन बैठक करेंगे, फिर मोदी येरूशलम जाएंगे। येरूशलम में पीएम मोदी भारतीय समुदाय से मिलेंगे और नेसेट को संबोधित करेंगे। शाम को इज़रायल की तकनीकी उन्नति की प्रदर्शनी में भाग लेंगे, जहां शीर्ष इजरायली एक्जीक्यूटिव्स मौजूद रहेंगे।

भारत-इजरायल बनाएंगे एक गोपनीय तंत्र

गुरुवार सुबह मोदी Yad Vashem में होलोकॉस्ट पीड़ितों को श्रद्धांजलि देंगे, फिर इजरायली राष्ट्रपति इसाक हरजोग से मिलेंगे। इस दौरान भारत-इजरायल में कई MoUs पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इनमें रक्षा सहयोग पर प्रमुख समझौता शामिल है। स्रोतों ने कहा, "समझौतों के तहत एक गोपनीयता तंत्र स्थापित होगा, जो अब तक उपलब्ध नई श्रेणियां खोलेगा।" भारत और इजरायल की गहराई दोस्ती से पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों को बड़ी चिंता हो रही होगी। क्योंकि इजरायल के साथ उन्नत हथियारों और टेक्नोलॉजी के साथ भारत बड़ी डील करने जा रहा है। यह पाक-तुर्की जैसे देखों के लिए खतरे की घंटी होगा। 

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