तेल अवीव: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को सेना को गाजा में तुरंत 'जोरदार हमले' करने का आदेश दिया। नेतन्याहू का आदेश मिलने के बाद इजरायल की सेना ने गाजा और अन्य इलाकों पर भारी गोलाबारी की है, और इसके साथ ही अमेरिका की मध्यस्थता से हुआ सीजफायर टूट गया है। नेतन्याहू ने यह घोषणा तब की जब इजरायल ने कहा कि हमास ने दक्षिणी गाजा में इजरायली सैनिकों पर गोलीबारी की। इससे पहले तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ था क्योंकि हमास ने कुछ अवशेष लौटाए थे, जिन्हें इजरायल ने युद्ध में पहले बरामद हुए एक इजरायली बंधक का बताया। नेतन्याहू ने का कि अवशेषों की वापसी 'सीजफायर समझौते का स्पष्ट उल्लंघन' है।
हमास ने कहा- बंधक का शव देर से लौटाएंगे
नेतन्याहू ने कहा कि वह सेना को तुरंत गाजा में जोरदार हमले करने का आदेश दे चुके हैं। इसके जवाब में हमास ने कहा कि वह एक बंधक का शव सौंपने में देरी करेगा। समझौते के तहत हमास को सभी इजरायली बंधकों के अवशेष जल्द से जल्द लौटाने हैं। दक्षिणी शहर राफा में इजरायली सैनिकों पर गोली चलाई गई और उन्होंने जवाबी कार्रवाई की। यह जानकारी नाम न छापने की शर्त पर एक इजरायली सैन्य अधिकारी ने दी, क्योंकि अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। 10 अक्टूबर से शुरू हुआ सीजफायर अभी तक कायम रहा है, हालांकि कम से कम 2 बार हिंसा भड़क चुकी है।
इजरायल ने जेनिन में मार गिराए 3 उग्रवादी
19 अक्टूबर को इजरायल ने कहा कि हमास की गोलीबारी से उसके 2 सैनिक मारे गए। जवाब में इजरायल ने कई हमले किए, जिनमें स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक 40 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए। वहीं, इजरायल के अधिकारियों ने दावा किया है कि देश के सुरक्षा बलों ने मंगलवार तड़के कब्जे वाले वेस्ट बैंक के उत्तरी हिस्से में एक कार्रवाई के दौरान 3 फिलीस्तीनी उग्रवादियों को मार गिराया। इजरायल की पुलिस ने बताया कि ये तीनों व्यक्ति जेनिन के पास एक गुफा से बाहर निकलते समय मारे गए। जेनिन वेस्ट बैंक का वह क्षेत्र है जो उग्रवादी गतिविधियों के लिए जाना जाता है। पुलिस के बयान में दावा किया गया कि ये उग्रवादी किसी हमले की साजिश रच रहे थे।


