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अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर, शुक्रवार को इस्लामाबाद में आमने-सामने होंगे दोनों देश, शहबाज शरीफ ने दिया निमंत्रण

 Published : Apr 08, 2026 06:43 am IST,  Updated : Apr 08, 2026 07:13 am IST

US Iran ceasefire: पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच 10 अप्रैल को बातचीत होगी। इसका ऐलान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने किया है।

shehbaz sharif- India TV Hindi
शहबाज शरीफ Image Source : AP

US Iran ceasefire Pakistan mediates : अमेरिका और ईरान के बीच 15 दिनों के लिए हुए सीजफायर के बाद अब दोनों देश 10 अप्रैल शुक्रवार को इस्लामाबाद में आमने-सामने बैठकर बातचीत करेंगे। इसका ऐलान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक सोशल मीडिया पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि अमेरिका, ईरान और उनके सभी सहयोगी लेबनान समेत हर जगह तुरंत सीज़फ़ायर के लिए राज़ी हो गए हैं। दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक समाधान तक पहुंचने की कोशिश में पाकिस्तान की भूमिका एक मध्यस्थ के तौर पर अहम रही है।

तत्काल प्रभाव से सीजफायर लागू

उन्होंने लिखा, "पूरी विनम्रता के साथ, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान और यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका, अपने सहयोगियों के साथ मिलकर, लेबनान और दूसरी जगहों समेत हर जगह तुरंत सीज़फ़ायर के लिए राज़ी हो गए हैं, जो अभी से लागू होगा।" उन्होंने कहा कि वह इस समझदारी भरे कदम का स्वागत करते हैं और दोनों देशों के नेतृत्व के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

उन्होंने आगे कहा, "दोनों पक्षों ने ज़बरदस्त समझदारी और सूझबूझ दिखाई है और शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के काम में रचनात्मक रूप से लगे रहे हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि इस्लामाबाद में होनेवाली वार्ता विवादों के स्थायी समाधान और सतत शांति की दिशा में सफल होगी। हम आने वाले दिनों में और भी अच्छी खबरें साझा करने की उम्मीद करते हैं!"

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने क्या कहा?

वहीं ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी कहा है कि उसने युद्ध में दो हफ़्ते के सीज़फ़ायर को मंज़ूरी दे दी है। उसके बयान में कहा गया है कि वह शुक्रवार से इस्लामाबाद में यूनाइटेड स्टेट्स के साथ बातचीत करेगा। बयान में ज़ोर देकर कहा गया है, "इस बात पर ज़ोर दिया जाता है कि इसका मतलब युद्ध का ख़त्म होना नहीं है।" "हमारे हाथ अभी भी ट्रिगर पर हैं, और अगर दुश्मन से ज़रा सी भी गलती हुई, तो उसका पूरी ताक़त से जवाब दिया जाएगा।"

ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी

ईरान का यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह ईरान पर हमले तेज़ करने की अपनी धमकियों से पीछे हट रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि इसमें कई पुल, पावर प्लांट और दूसरे नागरिक ठिकाने शामिल हैं बशर्ते ईरान दो हफ़्ते के सीज़फ़ायर के लिए और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को फिर से खोलने के लिए तैयार हो। ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप की ताज़ा धमकी मंगलवार को चरम पर पहुंच गई, जब उन्होंने चेतावनी दी, "आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा

जानकारी के मुताबिक ईरान ने पाकिस्तान के ज़रिए अमेरिका के सामने जो योजना पेश की है उसमें इन बातों पर ज़ोर दिया गया है-

  • Strait of Hormuz से ईरान के साथ कोऑर्डिनेशन में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से नियंत्रित आवाजाही होगी। यानी गुजरने वाले जहाजों पर पूरी तरह ईरान का नियंत्रण होगा। 
  • अमेरिका और उसके साथी Resistance Axis यानी ईरान समर्थित गुटों के खिलाफ चल रहे सभी हमलों को पूरी तरह रोकें।
  • मिडिल-ईस्ट के सभी ठिकानों और चौकियों से अमेरिकी सेना की वापसी, अमेरिका अपनी सेना को पूरी तरह बाहर निकाल ले।
  • यद्ध के चलते ईरान को जो भी नुकसान हुआ है, अमेरिका उसकी पूरी भरपाई करे यानी मुआवजा दे
  • ईरान पर लगे सभी नए और पुराने प्रतिबंध खत्म किए जाएं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उसके खिलाफ पारित सभी प्रस्तावों को रद्द किया जाए।
  • विदेश में  फ्रीज की गई ईरान की सभी ज़ब्त संपत्तियों को जारी करें, इन संपत्तियों को वापस किया जाए।
  • सुरक्षा परिषद के एक बाध्यकारी प्रस्ताव में इन सभी बिंदुओं को अपनाया जाए। अमेरिका के लिए इसे मानना अनिवार्य हो।
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