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ब्रिटेन में पढ़नेवाले विदेशी छात्रों में सबसे ज्यादा भारतीय, चीन दूसरे नंबर पर, जानें वजह

 Edited By: Niraj Kumar
 Published : Nov 25, 2022 01:07 pm IST,  Updated : Nov 25, 2022 01:07 pm IST

ब्रिटेन की तरफ से जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है कि यहां पढ़नेवाले विदेशी छात्रों में भारतीयों की संख्या अब सबसे ज्यादा हो गई है। भारतीय छात्रों ने इस मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर- India TV Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : ANI

लंदन : ब्रिटेन में पढ़नेवाले विदेशी छात्रों में भारतीयों की संख्या अब सबसे ज्यादा हो गई है। भारतीय छात्रों ने इस मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है। ब्रिटेन में पढ़नेवाले विदेशी छात्रों की संख्या के मामले में चीन अब दूसरे पायदान पर चला गया है। गुरुवार को जारी ब्रिटेन की तरफ से आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई। आंकड़ों के मुताबिक बीते कुछ वर्षों में भारतीय छात्रों को दिए किए जाने वाले वीजा की संख्या में 273 प्रतिशत की वृद्धि से यह संभव हो सका है।

कुशल श्रमिक श्रेणी में शीर्ष पर भारतीय नागरिक

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (ओएनएस) द्वारा जुटाए गए ब्रिटेन के गृह विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि कुशल श्रमिक श्रेणी में वीजा हासिल करने वालों की लिस्ट में भारतीय नंबर वन पोजिशन पर हैं। इसके अनुसार, पिछले वर्ष 56,042 भारतीयों को इस श्रेणी में वीजा दिया किया गया था। 

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में 36 प्रतिशत वीजा भारतीय नागरिकों को मिला

ब्रिटेन में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों की श्रेणी के तहत दिए गए कुल वीजा में से सबसे अधिक 36 प्रतिशत वीजा भारतीय नागरिकों को प्रदान किए गए। यह पेशेवर ब्रिटेन में सरकार द्वारा वित्त पोषित राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) में भारतीय योगदान को मजबूत करते हैं। आंकड़ों के मुताबिक 2019 में कुल 34,261 भारतीय छात्रों को वीजा प्रदान किया गया जबकि 2022 में 1,27,731 छात्रों को वीजा दिया गया। 

अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए कई सुविधाएं

आपको बता दें कि ब्रिटेन की सरकार ने सितंबर 2019 में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए कई सुविधाओं का ऐलान किया था। इनमें पढ़ाई के बाद 2 साल का वर्क वीजा देने की घोषणा भी शामिल है। इससे छात्रों को ब्रिटेन में सफल करियर बनाने और बसने में मदद मिलती है। अहम बात यह है कि ब्रिटेन में भारतीय यूनिवर्सिटी की तुलना में रिसर्च पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है।

इनपुट-भाषा

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