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Russia-Ukraine War: यूक्रेन की घेराबंदी के बाद रूस ने प्रमुख शहर से अपने सैनिकों को वापस बुलाया

 Published : Oct 01, 2022 10:37 pm IST,  Updated : Oct 01, 2022 10:37 pm IST

Russia-Ukraine War: रूस ने शनिवार को कहा कि उसने कभी अपने कब्जे में रहे शहर लाइमैन से अपने सैनिकों को वापस बुला लिया है। मॉस्को ने यह घोषणा ऐसे समय की जब यूक्रेन ने अपने जवाबी हमलों के चलते और अधिक क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है।

Russia-Ukraine War- India TV Hindi
Russia-Ukraine War Image Source : AP

Highlights

  • रूसी सैनिक स्टेशन का उपयोग सैन्य अड्डे के रूप में कर रहे हैं
  • जनमत संग्रह की काफी निंदा की जा रही है
  • लाइमैन जमीनी संचार और रसद दोनों के लिए महत्वपूर्ण स्थल रहा था

Russia-Ukraine War: रूस ने शनिवार को कहा कि उसने कभी अपने कब्जे में रहे शहर लाइमैन से अपने सैनिकों को वापस बुला लिया है। मॉस्को ने यह घोषणा ऐसे समय की जब यूक्रेन ने अपने जवाबी हमलों के चलते और अधिक क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। रूस की तास और आरआईए समाचार एजेंसियों ने रूसी रक्षा मंत्रालय के हवाले से रूसी सैनिकों की वापसी की घोषणा की। लाइमैन यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव से 160 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है। यूक्रेन की सेना ने जवाबी हमलों में रूस के कब्जे से विशाल क्षेत्र छुड़ा लिया है। 

जनमत संग्रह की निंदा 

रूसी अग्रिम पंक्ति के लिए प्रमुख परिवहन केंद्र लाइमैन जमीनी संचार और रसद दोनों के लिए महत्वपूर्ण स्थल रहा था। अब रूस के हाथ से इसके निकल जाने से यूक्रेनी सैनिक लुहांस्क क्षेत्र में आगे तक बढ़ने की कोशिश कर सकते हैं जो रूस द्वारा शुक्रवार को एक जनमत संग्रह द्वारा अपनी भूमि में मिलाए गए चार क्षेत्रों में से एक है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस द्वारा कराए गए जनमत संग्रह की काफी निंदा की जा रही है

इन इलाकों में रूस का कब्जा 
पुतिन ने खेरसोन और जापोरिज्जिया के साथ दोनेत्स्क और लुहांस्क को भी रूस का हिस्सा बनाने में कामयाब हो गए हैं, पहले दो क्षेत्रों को रूस का हिस्सा बना दिया था। पुतिन के इस फैसले का यूक्रेन समेत अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र विरोध कर रहे हैं। पुतिन ने यह कदम इन चारों क्षेत्रों में जनमत संग्रह कराने के बाद उठाया है। रूस के जनमत संग्रह के अनुसार इन चारों क्षेत्रों के 85 से 98 फीसद तक लोग यूक्रेन के इन क्षेत्रों को रूस में विलय करने के पक्ष में थे। उन सभी ने रूस के पक्ष में मतदान किया। 

यूक्रेन रूस पर लगाया आरोप 
यूक्रेन के परमाणु ऊर्जा प्रदाता विभाग ने रूस पर यह गंभीर आरोप लगाया है। जापोरिज्जिया सिर्फ यूक्रेन का ही नहीं, बल्कि यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र है। हालांकि अब रूस ने जापोरिज्जिया को अपने कब्जे में लेकर इसे स्वतंत्र घोषित कर दिया है। यूक्रेन ने जापोरिज्जिया के प्रमुख का 'अपहरण' करने का आरोप रूस पर लगाया है। जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर रूस के सैनिकों का कब्जा है। एनर्गोटम ने कहा कि रूसी सैनिकों ने मुराशोव की कार को रोका, उनकी आंखों पर पट्टी बांधी और फिर उन्हें एक अज्ञात स्थान पर ले गए।

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