वाशिंगटन: अमेरिका के शिक्षा मंत्रालय ने उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया है कि हार्वर्ड एशियाई मूल के अमेरिकी आवेदकों के साथ भेदभाव कर रहा है। शिक्षा मंत्रालय ने ऐसी प्रतिक्रिया इसलिए दी है क्योंकि संघीय अदालत में पहले से इससे संबंधित याचिका दायर की गई है। शिक्षा मंत्रालय के नागरिक अधिकार कार्यालय ने ब्लूमबर्ग बिजनेस को बताया कि इसने दावे के औचित्य को देखे बिना इसे खारिज कर दिया है, क्योंकि इसी तरह की याचिका बोस्टन स्थित संघीय जिला अदालत में नवंबर में दायर की गई थी।
बोस्टन स्थित सामुदायिक रेडियो ऑन कैम्पस के मुताबिक, मई महीने में 60 से अधिक संगठनों के गठबंधन ने संघीय सरकार से शिकायत की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि हार्वर्ड अन्य जातीय समूहों की अपेक्षा एशियाई मूल के अमेरिकी नागरिकों के दाखिले के लिए उच्च मानदंड रखता है।
उन्होंने यह शिकायत भी की कि विश्वविद्यालय एशियाई मूल के अमेरिकी (भारतीय, चीनी, पाकिस्तानी) नागरिकों के लिए नस्लीय कोटा रखता है तथा सरकार को इसकी जांच करनी चाहिए। गठबंधन से जुड़े स्वान ली ने कहा, "हमें लगता है कि शिक्षा मंत्रालय और न्याय मंत्रालय को हार्वर्ड में दाखिले के रिकार्ड की जानकारी होनी चाहिए।"
नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह हार्वर्ड के रवैये पर पीछे से वार करना होगा, वहीं हार्वर्ड का कहना है कि दाखिले को लेकर उसके विचार समग्र और कानून सम्मत हैं।