
अधिकांश लोग जहां गोलीबारी की निंदा कर रहे हैं और मृतकों के लिए प्रार्थना की अपील कर रहे हैं, वहीं राष्ट्रपति पद के किसी भी दावेदार ने बंदूक से होने वाली हिंसा के खिलाफ कोई नीति पेश नहीं की है। अखबार ने कहा कि यह उस सच को दिखाता है कि बंदूक संबंधी कानून राजनीतिक रूप से प्रेरित है। समाचार पत्र यह भी कहता है कि रिपब्लिकन उम्मीदवार बंदूक पर रोक लगाने के प्रयास के पूरी तरह खिलाफ ही लगते हैं। उन्होंने बंदूक नियंत्रण को लेकर प्रस्ताव पेश किए हैं, लेकिन वे बंदूक से होने वाली हिंसा की जगह अर्थव्यवस्था, नस्ल, लिंग के मुद्दे पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।